शेयर मार्केट में चार्ट पैटर्न क्या है, कितने प्रकार के होते हैं और कैसे समझें? | Share Market Chart Pattern in Hindi

क्या आप भी शेयर बाजार में नए हैं और ट्रेडिंग के जरिए पैसा कमाने की सोच रहे हैं?

लेकिन ट्रेडिंग से पैसा कमाने के लिए हमें बहुत सी चीजों के बारे में सीखना होता। जिसमे से सबसे महत्वपूर्ण है स्टॉक का तकनीकी विश्लेषण करना।

और तकनीकी विश्लेषण में सबसे महत्वपूर्ण चार्ट पैटर्न है, जो आपको बताता है कि बाजार में कब प्रवेश करना है और कब बाहर निकलना है।

तो आज इस पोस्ट में हम इन सभी चीजों के बारे में जानने वाले हैं जैसे: चार्ट पैटर्न क्या है, कितने प्रकार के होते हैं, इन्हें कैसे समझें, ट्रेडिंग के समय चार्ट पैटर्न का इस्तेमाल कैसे करे, आदि।

शेयर मार्केट में चार्ट पैटर्न क्या है (what is chart pattern in in hindi)

विषय सूची

शेयर मार्केट में चार्ट पैटर्न प्राइस के द्वारा बनने वाला पैटर्न होता है जिसे प्राइस पैटर्न भी कहा जाता है क्योकि यह कई दिनों की कैंडल से मिलकर बनता है जिसके बनने से हम यह अनुमान लगा सकते है की शेयर का प्राइस ऊपर जायेगा या निचे।

इसमें ध्यान देने वाली बात यह है कि कई बार जब हमें गलत संकेत मिलता है तो हम गलत ट्रेड कर लेते हैं जिससे हमारा नुकसान हो सकता है क्योंकि ये चार्ट पैटर्न भी 100% सटीक नहीं होते।

जिसमें आपको कई बार नुकसान होता है और कई बार आपको लाभ होता है, आपको बस इस बात पर ध्यान देना है कि आपका लाभ बड़ा हो और नुकसान छोटा; तभी आप शेयर बाजार से पैसा कमा सकते हैं और बड़े व्यापारी भी इसी फॉर्मूले से पैसा कमाते हैं।

शेयर मार्केट में चार्ट पैटर्न कितने प्रकार के होते है (How many types of chart patterns are there in the stock market?)

शेयर बाजार में तीन प्रकार के चार्ट पैटर्न होते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • Reversal Chart Pattern
  • Continuation Chart Pattern
  • Neutral Chart Pattern

और ये तीन चार्ट पैटर्न क्या हैं, और ये हमें क्या बताने की कोशिश करते हैं? इसके बारे में नीचे समझाया गया है।

शेयर मार्केट में Reversal Pattern क्या है (What is reversal pattern in hindi)

शेयर मार्केट में रिवर्सल पैटर्न का मतलब होता है ट्रेंड का बदलना। जिसके बनने से शेयर के प्राइस में बदलाव होने लगता है

बदलाव का मतलब है कि अगर किसी शेयर की कीमत बढ़ रही थी तो इस पैटर्न के बनने के बाद उसकी कीमत गिरनी शुरू हो जाएगी।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये पैटर्न ट्रेंड रिवर्सल का संकेत देते हैं, जो बाजार मूल्य को बदलने में सक्षम है।

यह रिवर्सल पैटर्न कई तरह से बनता है, जिनका उल्लेख नीचे किया गया है।

शेयर मार्केट में Reversal Pattern कितने होते है (How many reversal patterns in hindi)

शेयर मार्केट में 10 रिवर्सल पैटर्न होते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • Rising Wedge Patterns
  • Falling Wedge Patterns
  • Bearish Expanding Triangle
  • Bullish Expanding Triangle
  • Head and Shoulders Pattern
  • Reverse Head and Shoulders Pattern
  • Double Top Pattern
  • Double Bottom Pattern
  • Triple Top Pattern
  • Triple Bottom Pattern

इन सभी रिवर्सल पैटर्न को नीचे उदाहरणों के साथ समझाया गया है कि वे कैसे बनते हैं और आप अपने व्यापारिक जीवन में उनका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

शेयर मार्केट में Continuation Pattern क्या है (What is Continuation Pattern in Hindi)

शेयर बाजार में Continuation पैटर्न का मतलब है कि मार्केट का जो ट्रेंड चल रहा है वह अभी जारी रहेगा। जिससे बाजार में और तेजी देखने को मिलती है

इसे एक उदाहरण से समझे तो, अगर किसी शेयर की कीमत बढ़ती रही है तो इस पैटर्न के बनने के बाद उसकी कीमत और तेजी से बढ़ने लगेगी। और अगर किसी शेयर की कीमत गिर रही थी तो इस पैटर्न के बनने के बाद उसकी कीमत और तेजी से गिरने लगेगी।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ये पैटर्न ट्रेंड Continuation का संकेत देते हैं, जो बाजार मूल्य में और अधिक वृद्धि का संकेत देता है।

यह Continuation पैटर्न कई तरीकों से बन सकता है, जिनका उल्लेख नीचे किया गया है।

शेयर मार्केट में Continuation Pattern कितने होते है (How many Continuation Patterns are there?)

शेयर मार्केट में 10 Continuation पैटर्न होते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • Bullish Rectangle Patterns
  • Bearish Rectangle Patterns
  • Bullish Flag Patterns
  • Bearish Flag Patterns
  • Bullish Pennant Patterns
  • Bearish Pennant Patterns
  • Bullish Symmetrical Triangle Patterns
  • Bearish Symmetrical Triangle Patterns
  • Cup and Handle Patterns
  • Reverse Cup and Handle Patterns

इन Continuation पैटर्न में से सभी के बारे में नीचे उदाहरण के साथ बताया गया है कि आप ट्रेडिंग करते समय उन्हें अपने लाभ के लिए कैसे उपयोग कर सकते हैं।

शेयर मार्केट में Neutral Pattern क्या है (What is Neutral Pattern in hindi)

शेयर बाजार में Neutral पैटर्न का मतलब है कि इसमें किसी भी दिशा में ऊपर या नीचे जाने की क्षमता है।

इसे एक उदाहरण से समझने तो, यदि किसी स्टॉक की कीमत एक ऐसे दायरे में चल रही है जिसमें ब्रेकआउट की संभावना है, और यदि यह ब्रेकआउट ऊपर की ओर होता है, तो स्टॉक की कीमत भी ऊपर की ओर बढ़ने लगेगी, और अगर यह ब्रेकआउट नीचे की ओर होता है, तो इसकी कीमत केवल नीचे जाएगी।

जिसका अर्थ है कि ब्रेकआउट के बाद यह पैटर्न ट्रेंड का पालन करना जारी रखेगा। इसे सरल बनाने के लिए, Neutral चार्ट पैटर्न देखें।

यह Neutral पैटर्न कई तरीकों से बन सकता है, जिनका उल्लेख नीचे किया गया है।

शेयर मार्केट में Neutral Pattern कितने होते है (How much are neutral patterns in hindi)

शेयर मार्केट में 4 Neutral पैटर्न होते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • Ascending Triangle
  • Descending Triangle
  • Symmetrical Contracting Triangle
  • Symmetrical Expanding Triangle

इन सभी न्यूट्रल पैटर्नों को नीचे उदाहरणों के साथ समझाया गया है कि वे कैसे बनते हैं और आप अपने व्यापारिक जीवन में उनका उपयोग करके पैसे कैसे कमा सकते हैं।

[Top 24] चार्ट पैटर्न जो आपको शेयर बाजार में ट्रेडिंग करते समय पता होने चाहिए

यहां हमने उन सभी चार्ट पैटर्न के बारे में बात की है जिनका ऊपर उल्लेख किया गया था, और यह वह चार्ट पैटर्न है जो ट्रेडिंग में सबसे अधिक उपयोग किये जाते है।

यह चार्ट पैटर्न तकनीकी विश्लेषण में आपकी बहुत मदद करने वाले है, जो आपको अपने ट्रेडिंग skills को और बेहतर बनाने में मदद करेगा। इसके साथ ही आपको कुछ महत्वपूर्ण इंडिकेटर का इस्तेमाल करना होगा। जैसे :- MACD, RSI and Volume Indicators

इन सभी पैटर्न के बारे में जानने के बाद आप ट्रेडिंग में ऐसे मौके ढूंढ पाएंगे जो आपने पहले नहीं देखे होंगे।

इन सभी चार्ट पैटर्न के बारे में जानने के बाद भी आपको रोजाना इनका अभ्यास करने होगा।

ऐसा इसलिए है क्योंकि भले ही शुरुआत में आप इन चार्ट पैटर्न की मदद से पैसा ना बना पाए, लेकिन दैनिक अभ्यास से आप उन गलतियों की पहचान करने में सक्षम होंगे जिनके कारण आपको ट्रेडिंग में पैसा खोना पड़ता है।

इन गलतियों का सुधार कर आप उन नुकसानों को कम तथा अपने मुनाफे को बढ़ा पाएंगे।

क्योंकि ट्रेडिंग से पैसा कमाने का यही मूल मंत्र है, जिसके बारे में ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता कि ट्रेडिंग में पैसा कमाने के लिए उन्हें रोजाना अभ्यास करने की अवश्यकता होती है, जिससे वे ट्रेडिंग में सफल हो सके।

Rising Wedge Pattern in Hindi

Rising Wedge Pattern in Hindi

(credit by investing.com)

राइजिंग वेज चार्ट पैटर्न एक प्रकार का रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर एक अपट्रेंड में बनता है।

इसे बनने के लिए कम से कम 2 रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट की जरूरत होती है, जो अपट्रेंड की ओर जाते समय बनते हैं।

यह पैटर्न हायर हाई एंड हायर लौ को बनाते हुए आगे की और बढ़ता जाता है लेकिन यह हायर हाई एंड हायर लौ धीरे धीरे सिकुड़ता जाता है

इसका हायर हाई एंड हायर लौ जो रेजिस्टेंस और सपोर्ट को दर्शाते है जिसमे रेजिस्टेंस को R1, R2, R3 से और सपोर्ट को S1, S2, S3 से बताया गया है

और जब हम R1, R2, R3 और S1, S2, S3 के ऊपर से एक एक ट्रेंड लाइन गुजारते है तो यह दोनों ट्रेंड लाइन आगे जाकर एक दूसरे से मिल जाती है जिससे राइजिंग वेज पैटर्न बनता है

इस पैटर्न के बनने के बाद अब हमें इसके ब्रेकआउट का इंतजार होता है

अभी तक हमने जाना की राइजिंग वेज चार्ट पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे अब जानते है की राइजिंग वेज चार्ट पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे

राइजिंग वेज पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade rising wedge pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर राइजिंग वेज पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो पुष्टि करता है कि प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए रिवर्स जो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके प्रवेश करें।
  • स्टॉपलॉस को इसके आखरी रेजिस्टेंस पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट लगाना न भूले, इसके बारे में चार्ट में बताया है की टारगेट कहा का होना चाहिए
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Falling Wedge Pattern in Hindi

Falling Wedge Pattern in Hindi

फॉलिंग वेज चार्ट पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो डाउनट्रेंड में चार्ट पर बनता है।

इसे बनाने के लिए कम से कम 2 रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट की भी आवश्यकता होती है, जो डाउनट्रेंड की ओर नीचे जाते समय बनते हैं।

यह पैटर्न लोअर लौ एंड लोअर हाई प्राइस एक्शन बनाते हुए आगे की और बढ़ते है लेकिन धीरे धीरे सिकुड़ते भी जाते है

इस लोअर लौ एंड लोअर हाई को रेजिस्टेंस और सपोर्ट कहते है जिसमे रेजिस्टेंस को R1, R2, R3 से और सपोर्ट को S1, S2, S3 से दर्शाया गया है

और जब हम R1, R2, और R3 और S1, S2, और S3 के ऊपर से एक ट्रेंड लाइन पास करते हैं, तो ये दो ट्रेंड लाइन आगे बढ़कर एक दूसरे से मिलती हैं, जिससे एक फॉलिंग वेज पैटर्न बनता है।

इस पैटर्न के बनने के बाद अब इसके ब्रेकआउट का इंतजार करना होगा।

अभी तक हमने फॉलिंग वेज चार्ट पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम फॉलिंग वेज चार्ट पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे के बारे में जानना शुरू करते है

फॉलिंग वेज पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade falling wedge pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर फॉलिंग वेज पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके प्रवेश करें।
  • स्टॉपलॉस को इसके आखरी रेजिस्टेंस पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट लगाना न भूले, इसके बारे में चार्ट में बताया है की टारगेट कहा का होना चाहिए
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bearish Expanding Triangle in Hindi

Bearish Expanding Triangle in Hindi

बेयरिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है।

एक्सपैंडिंग ट्रायंगल का मतलब होता है की इस ट्रायंगल का मुँह आगे की और खुलता जाता है इसलिए इसे एक्सपैंडिंग ट्रायंगल कहते है

इसे बनाने के लिए कम से कम 2 रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट की आवश्यकता होती है, जो अपट्रेंड की ओर ऊपर जाते समय बनते हैं।

यह पैटर्न हायर हाई एंड हायर लौ बनाते हुए आगे की और एक्सपैंड होते है

इस हायर हाई एंड हायर लौ को रेजिस्टेंस और सपोर्ट कहते है जिसमे रेजिस्टेंस को R1, R2, R3 से और सपोर्ट को S1, S2, S3 से दर्शाया गया है

और जब हम R1, R2, और R3 और S1, S2, और S3 के ऊपर से एक एक ट्रेंड लाइन पास करते हैं, तो ये दो ट्रेंड लाइन आगे जाकर एक दूसरे से जुड़ जाती हैं, जिससे एक बेयरिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न बनता है।

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट सपोर्ट लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है और यह कैंडल पिछली कैंडल के नीचे क्लोज होता है तो हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अब तक, हमने देखा है कि बियरिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न कैसे बनता है। और इसकी पहचानें कैसे और अब यह जानते हैं कि बियरिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें।

बेयरिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Bearish expanding triangle?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बेयरिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके प्रवेश करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या पिछली कैंडल पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट लगाना न भूले, इसके बारे में चार्ट में बताया है की टारगेट कहाँ का होना चाहिए
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bullish Expanding Triangle in Hindi

Bullish Expanding Triangle in Hindi

बुलिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो डाउनट्रेंड में बनता है।

एक्सपैंडिंग ट्रायंगल का मतलब होता है की इस ट्रायंगल का मुँह आगे की और खुलता जाता है इसलिए इसे एक्सपैंडिंग ट्रायंगल कहते है

इसे बनाने के लिए कम से कम 2 रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट की आवश्यकता होती है, जो डाउनट्रेंड की ओर नीचे जाते समय बनते हैं।

यह पैटर्न लोअर लौ एंड लोअर हाई बनाते हुए आगे की और एक्सपैंड होते है

इस लोअर लौ एंड लोअर हाई को रेजिस्टेंस और सपोर्ट कहते है जिसमे रेजिस्टेंस को R1, R2, R3 से और सपोर्ट को S1, S2, S3 से दर्शाया गया है

और जब हम R1, R2, और R3 और S1, S2, और S3 के ऊपर से एक ट्रेंड लाइन पास करते हैं, तो ये दो ट्रेंड लाइन आगे बढ़कर एक दूसरे से मिलती हैं, जिससे एक बुलिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न बनता है।

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट रेजिस्टेंस लेवल से होता है जिसके बाद एक कन्फोर्मशन कैंडल बनने के बाद हम इसमें ट्रेडिंग करते है ।

अभी तक हमने बुलिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बुलिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे के बारे में जानना शुरू करते है

बुलिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade bullish expanding triangle?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बुलिश एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके प्रवेश करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या पिछली कैंडल पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट लगाना न भूले, इसके बारे में चार्ट में बताया है की टारगेट कहा का होना चाहिए
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Head and Shoulders Pattern in Hindi

Head and Shoulders Pattern in Hindi

हेड एंड शोल्डर पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है।

हेड एंड शोल्डर का मतलब होता है की इस पैटर्न में एक हेड होता है जो बिच में बनता है और दो शोल्डर होते है जो हेड के दोनों और बनते है हेड दोनों शोल्डर से बड़ा होता है यह पैटर्न हमारे हेड एंड शोल्डर के तरह दीखता है इसलिए इसे हेड एंड शोल्डर पैटर्न कहते है

यह पैटर्न चार्ट पर ऊपर की और बनते है जो एक ट्रेंड लाइन को सपोर्ट मानकर बनते है यह पैटर्न थोड़े बोहोत ऊपर निचे हो सकते है जैसा चार्ट में दिखाया है

इस पैटर्न में तीन रेजिस्टेंस होते है हेड वाला रेजिस्टेंस सबसे ऊपर होता है और शोल्डर वाले रेजिस्टेंस उससे निचे होते है

लेकिन इसका सपोर्ट एक ट्रेंड लाइन पर बना होता है जिससे इसका सपोर्ट ऊपर निचे हो सकता है

यह पैटर्न आपको डेली चार्ट में देखने को मिलेगा क्योकि इस पैटर्न को बनने में थोड़ा समय लगता है

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट सपोर्ट लेवल से होता है जिसके बाद एक कन्फोर्मशन कैंडल बनने के बाद हम इसमें ट्रेडिंग करते है ।

अभी तक हमने हेड एंड शोल्डर पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम हेड एंड शोल्डर पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे के बारे में जानना शुरू करते है

हेड एंड शोल्डर पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Head and Shoulders Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर हेड एंड शोल्डर पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या पिछली कैंडल पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट लगाना न भूले, इस पैटर्न में आपका टारगेट बिच में बने हेड पैटर्न के बराबर का हो सकता है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Reverse Head and Shoulders Pattern in Hindi

Reverse Head and Shoulders Pattern in Hindi

रिवर्स हेड एंड शोल्डर पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता दिखाई देता है।

यह पैटर्न भी हेड एंड शोल्डर पैटर्न की तरह होता है बस इसमें फर्क इतना है की यह डाउन ट्रेंड में बनता है और इसके हेड एंड शोल्डर पैटर्न उलटे बनते है जैसा चार्ट में दिखाया गया है

इस पैटर्न के बनने से शेयर का प्राइस ऊपर की और जाने लगता है जिसे बुलिश रिवर्सल कहते है

यह पैटर्न आपको चार्ट में डेली टाइम फ्रेम देखने को मिलेगा क्योकि इस पैटर्न को बनने में समय लगता है

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट रेजिस्टेंस लेवल से होता है जिसके बाद एक कन्फोर्मशन कैंडल बनने के बाद हम इसमें ट्रेडिंग करते है।

अभी तक हमने रिवर्स हेड एंड शोल्डर पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम रिवर्स हेड एंड शोल्डर पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे के बारे में जानना शुरू करते है

रिवर्स हेड एंड शोल्डर पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Reverse Head and Shoulders Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर रिवर्स हेड एंड शोल्डर पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या पिछली कैंडल पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट लगाना न भूले, इस पैटर्न में आपका टारगेट बिच में बने हेड पैटर्न के बराबर का हो सकता है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Double Top Pattern in Hindi

Double Top Pattern in Hindi

डबल टॉप पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है।

डबल टॉप का मतलब है कि प्राइस चार्ट के टॉप पर दो टॉप बनते हैं, जो एक किले की तरह दिखते हैं, ये दोनों टॉप दिखने में बराबर होते हैं, लेकिन चार्ट में बनते समय थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो सकते हैं।

यह एक रिवर्सल पैटर्न है जो ट्रेंड को रिवर्स कर देता है, क्योंकि यह पैटर्न चार्ट के ऊपर की दिशा में बनता है, तो इस पैटर्न के बाद इसका ट्रेंड रिवर्स हो जाएगा, जिससे इसकी कीमत नीचे गिरने लगेगी।

इस पैटर्न में दो रेजिस्टेंस और एक सपोर्ट लेवल होता है और सपोर्ट लेवल ट्रेंड लाइन पर बनता है।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम चार्ट में मिलेगा

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट सपोर्ट लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है और हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने डबल टॉप पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम डबल टॉप पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

डबल टॉप पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Double Top Pattern?)

सबसे पहले चार्ट पर डबल टॉप पैटर्न की पहचान करें

इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।

ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।

कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।

स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके ऊपर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।

टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट कोई भी टॉप हो सकता है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है

लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Double Bottom Pattern in Hindi

Double Bottom Pattern in Hindi

डबल बॉटम पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता है।

यह पैटर्न भी डबल टॉप पैटर्न के समान है, फर्क सिर्फ इतना है कि यह चार्ट के निचले सिरे पर बनता है और डबल टॉप पैटर्न का उल्टा पैटर्न है।

इस पैटर्न में इसका रेजिस्टेंस ट्रेंड लाइन पर बनता है और इसका सपोर्ट सबसे नीचे दोनों बॉटम पर बनता है।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम चार्ट में मिलेगा

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट रेजिस्टेंस लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है और हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने डबल बॉटम पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम डबल बॉटम पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

डबल बॉटम पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Double Bottom Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर डबल बॉटम पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट लेवल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके निचले सिरे पर रखे, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट कोई भी बॉटम हो सकता है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Triple Top Pattern in Hindi

Triple Top Pattern in Hindi

ट्रिपल टॉप पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है।

ट्रिपल टॉप का मतलब है कि प्राइस चार्ट के सबसे ऊपर तीन टॉप बनता हैं, जो एक सामान किले की तरह दिखते हैं, ये तीनो टॉप दिखने में बराबर होते हैं, लेकिन चार्ट में बनते समय थोड़ा बहुत ऊपर नीचे हो सकते हैं।

यह एक रिवर्सल पैटर्न है जो ट्रेंड को रिवर्स कर देता है, क्योंकि यह पैटर्न चार्ट के ऊपर की दिशा में बनता है, तो इस पैटर्न के बाद इसका ट्रेंड रिवर्स हो जाएगा, जिससे इसकी कीमत नीचे गिरने लगेगी।

इस पैटर्न में तीन रेजिस्टेंस और दो सपोर्ट लेवल होते है और सपोर्ट लेवल ट्रेंड लाइन पर बनते है।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम देखने को मिल सकते है

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट सपोर्ट लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है और हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने ट्रिपल टॉप पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम ट्रिपल टॉप पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

ट्रिपल टॉप पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Triple Top Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर ट्रिपल टॉप पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके ऊपर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट कोई भी पैटर्न का टॉप हो सकता है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Triple Bottom Pattern in Hindi

Triple Bottom Pattern in Hindi

ट्रिपल बॉटम पैटर्न एक रिवर्सल पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता है।

यह पैटर्न भी ट्रिपल टॉप पैटर्न के समान है, फर्क सिर्फ इतना है कि यह चार्ट के निचले सिरे पर बनता है और ट्रिपल टॉप पैटर्न का उल्टा पैटर्न है।

इस पैटर्न में इसका रेजिस्टेंस ट्रेंड लाइन पर बनता है और इसका सपोर्ट सबसे नीचे तीनो बॉटम पर बनता है।

इस पैटर्न में इसके 2 रेजिस्टेंस और 3 सपोर्ट लेवल होते है

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम देखने को मिल सकते है

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट रेजिस्टेंस लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है और हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने ट्रिपल बॉटम पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम ट्रिपल बॉटम पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

ट्रिपल बॉटम पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Triple Bottom Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर ट्रिपल बॉटम पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके निचले सिरे पर रखे, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट कोई भी पैटर्न का बॉटम हो सकता है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bullish Rectangle Pattern in Hindi

Bullish Rectangle Pattern in Hindi

बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न एक कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड के बिच में बनता है इस पैटर्न के बनने से हमें यह संकेत मिलता है की यह ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू रहने वाला है जिसे ट्रेंड कॉन्टीनुअशन पैटर्न भी कहते है

बुलिश रेक्टेंगल का मतलब है कि कीमत बढ़ रही थी लेकिन कुछ समय के बाद यह एक जगह consolidate होने लगती है यानी इसकी कीमत स्थिर हो जाती है या एक रेंज में चलती है जिसके कारण यहां एक रेक्टेंगल पैटर्न बनता है इसलिए इसे बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न कहा जाता है

इस पैटर्न में काम से काम, 2 resistance levels और 2 support levels बन सकते हैं और उनके resistance और support लेवल समानांतर होते हैं।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम में देखने को मिल सकते है

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट रेजिस्टेंस लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है और हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Bullish Rectangle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बुलिश रेक्टेंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके निचले सिरे पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bearish Rectangle Pattern in Hindi

Bearish Rectangle Pattern in Hindi

बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न एक कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड के बिच में बनता है इस पैटर्न के बनने से हमें यह संकेत मिलता है की यह ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू रहने वाला है इसलिए इसे ट्रेंड कॉन्टीनुअशन पैटर्न बोला जाता है

बेयरिश रेक्टेंगल का मतलब है कि कीमत गिर रही थी लेकिन कुछ समय के बाद यह एक जगह consolidate होने लगती है यानी इसकी कीमत स्थिर हो जाती है या एक रेंज में चलती है जिसके कारण यहां एक रेक्टेंगल पैटर्न बनता है इसलिए इसे बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न कहा जाता है

इस पैटर्न में काम से काम, 2 resistance levels और 2 support levels बन सकते हैं और उनके resistance और support लेवल समानांतर होते हैं।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम में देखने को मिल सकता है

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट सपोर्ट लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है तो हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Bearish Rectangle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बेयरिश रेक्टेंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके ऊपर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bullish Flag Pattern in Hindi

Bullish Flag Pattern in Hindi

बुलिश फ्लैग पैटर्न एक कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है इस पैटर्न के बनने से हमें यह पता चलता है की यह ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू रहने वाला है इसलिए इस पैटर्न को कॉन्टीनुअशन पैटर्न कहते है

बुलिश फ्लैग पैटर्न का मतलब है कि यह एक झंडे की तरह दिखता है और एक अपट्रेंड में बनता है, यह पैटर्न एक या दो, तीन लम्बी बुलिश कैंडल से बनना शुरू होता है और फिट लोअर लो, लोअर हाई बनाते हुए निचे की और जाने लगता है

इसके कुछ समय बाद ये अपने रेजिस्टेंस लेवल से ब्रेकआउट देता है जो फिर से पिछले ट्रेंड को दोहराना शुरू कर देता है।

इस पैटर्न में काम से काम, 2 resistance और 2 support levels बनते हैं और उनके resistance और support लेवल एक दूसरे के समानांतर होते हैं।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम चार्ट में मिलेगा

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट रेजिस्टेंस लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है तो हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने बुलिश फ्लैग पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बुलिश फ्लैग पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

बुलिश फ्लैग पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade bullish flag Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बुलिश फ्लैग पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके निचले सिरे पर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bearish Flag Pattern in Hindi

Bearish Flag Pattern in Hindi

बेयरिश फ्लैग पैटर्न एक कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता है इस पैटर्न के बनने से हमें यह संकेत मिलता है की यह ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू रहने वाला है इसलिए इसे ट्रेंड कॉन्टीनुअशन पैटर्न बोला जाता है

यह पैटर्न बुलिश फ्लैग पैटर्न की तरह ही होता है बस फर्क इतना होता है की यह डाउन ट्रेंड में बनता है और बुलिश फ्लैग पैटर्न का उल्टा पैटर्न बनता है

इस पैटर्न में रेजिस्टेंस एंड सपोर्ट ट्रेंड लाइन के सहारे हायर हाई, हायर लौ बनाते हुए आगे जाते है और फिर ब्रेकआउट के बाद पिछले ट्रेंड को दोहराने लगते है

इस पैटर्न में काम से काम, 2 resistance और 2 support levels बनते हैं और उनके resistance और support लेवल समानांतर होते हैं।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम चार्ट में मिलेगा

इस पैटर्न के बनने के बाद इसका ब्रेकआउट सपोर्ट लेवल से होता है, जिसके बाद एक कन्फर्मेशन कैंडल बनता है तो हम इसमें ट्रेड करते हैं।

अभी तक हमने बेयरिश फ्लैग पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बेयरिश फ्लैग पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

बेयरिश फ्लैग पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade bearish flag Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बेयरिश फ्लैग पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल या जिस कैंडल पर ट्रेड किया गया था, उसके ऊपर रखें, जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bullish Pennant Pattern in Hindi

Bullish Pennant Pattern in Hindi

बुलिश पेनांट पैटर्न एक कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड के समय बनता है इस पैटर्न के बनने से हमें यह पता चलता है की यह ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू रहने वाला है इसलिए इसे कॉन्टीनुअशन पैटर्न कहते है

बुलिश पेनांट पैटर्न का मतलब है कि यह एक सिकुड़ते हुए झंडे की तरह दिखता है जो शुरुआत में तो पूरा खुला होता है और आगे की और जाकर सिकुड़ जाता है इसलिए इसे बुलिश पेनांट पैटर्न कहते है

इस पैटर्न में पहले तो दूर दूर हाई एंड लौ बनते है और फिर धीरे धीरे एक दूसरे के करीब आने लगते है इन हाई और लौ को सपोर्ट और रेजिस्टेंस कहते है

इस पैटर्न में काम से काम 2 रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट लेवल होते है

कुछ समय बाद इस पैटर्न से रेजिस्टेंस लेवल से ब्रेकआउट मिलता है और फिर यह पिछले ट्रेंड को दोहराने लगता है।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम चार्ट में मिलेगा

अभी तक हमने बुलिश पेनांट पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बुलिश पेनांट पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

बुलिश पेनांट पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade bullish pennant Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बुलिश पेनांट पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल की निचे या इसके आखरी सपोर्ट पर रखें, जैसा चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट पहले सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bearish Pennant Pattern in Hindi

Bearish Pennant Pattern in Hindi

बेयरिश पेनांट पैटर्न एक कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड के समय बनता है इस पैटर्न के बनने से हमें यह पता चलता है की यह ट्रेंड आगे भी कंटिन्यू रहने वाला है इसलिए इसे कॉन्टीनुअशन पैटर्न कहते है

यह पैटर्न बुलिश पेनांट पैटर्न की तरह ही होता है बस इसमें फर्क इतना होता है की यह पैटर्न चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता है

इस पैटर्न में भी पहले तो दूर दूर हाई एंड लौ बनते है और फिर धीरे धीरे एक दूसरे के करीब आने लगते है इन हाई और लौ को रेजिस्टेंस और सपोर्ट कहते है

इस पैटर्न में भी काम से काम 2 रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट लेवल होते है

कुछ समय बाद जब इस पैटर्न से सपोर्ट लेवल से ब्रेकआउट मिलता है तो यह फिर से पिछले ट्रेंड को दोहराने लगता है।

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम चार्ट में मिलेगा

अभी तक हमने बेयरिश पेनांट पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम बेयरिश पेनांट पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

बेयरिश पेनांट पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade bearish pennant Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर बेयरिश पेनांट पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल के ऊपर या इसके आखरी रेजिस्टेंस लेवल पर रखें, जैसा चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट पहले सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Bullish Symmetrical Triangle Pattern in Hindi

Bullish Symmetrical Triangle Pattern in Hindi

बुलिश सिमेट्रिकल ट्राइएंगल पैटर्न भी एक कंटीन्यूएशन पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड के समय बनता है, जिसके कारण कीमत अपने पिछले ट्रेंड को जारी रखती है, इसलिए इसे कंटीन्यूएशन पैटर्न भी कहा जाता है।

यह पैटर्न बुलिश पेनांट पैटर्न के सामान होता है, दोनों के बीच एकमात्र अंतर यह है कि बुलिश पेनांट पैटर्न 5 मिनट, 15 मिनट और डे चार्ट में बनता है, और बुलिश सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न हमेशा लंबे समय के टाइम फ्रेम में बनता है। जैसे साप्ताहिक या मासिक चार्ट

और इन दोनों में बाकी सब एक जैसा ही होता है

इसलिए यदि आप इस तरह के पैटर्न को लंबी समय सीमा में बनते हुए देखते हैं, तो आप इसे बुलिश सिमेट्रिकल ट्रायंगल कहेंगे और जब आप इस कम समय सीमा में बनते हुए देखेंगे, तो इसे बुलिश पेनांट पैटर्न कहा जाएगा।

बाकी अगर आपको इस पैटर्न में ट्रेड करनी है तो इसके लिए भी आप बुलिश पेनांट पैटर्न की तरह ही ट्रेड कर सकते है

Bearish Symmetrical Triangle Pattern in Hindi

Bearish Symmetrical Triangle Pattern in Hindi

बेयरिश सिमेट्रिकल ट्राइएंगल पैटर्न भी एक कंटीन्यूएशन पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड के समय बनता है, जिसके कारण कीमत अपने पिछले ट्रेंड को जारी रखती है, इसलिए इसे कंटीन्यूएशन पैटर्न भी कहा जाता है।

यह पैटर्न बेयरिश पेनांट पैटर्न के सामान होता है, दोनों के बीच एकमात्र अंतर यह है कि बेयरिश पेनांट पैटर्न 5 मिनट, 15 मिनट और डे चार्ट में बनता है, और बेयरिश सिमेट्रिकल ट्रायंगल पैटर्न हमेशा लंबे समय के टाइम फ्रेम में बनता है। जैसे साप्ताहिक या मासिक चार्ट

और इन दोनों में बाकी सब एक जैसा ही होता है

इसलिए यदि आप इस तरह के पैटर्न को लंबी समय सीमा में बनते हुए देखते हैं, तो आप इसे बेयरिश सिमेट्रिकल ट्रायंगल कहेंगे और जब आप इस कम समय सीमा में बनते हुए देखेंगे, तो इसे बेयरिश पेनांट पैटर्न कहा जाएगा।

नहीं तो अगर आप इस पैटर्न में ट्रेड करना चाहते हैं तो इसके लिए भी बेयरिश पेनांट पैटर्न की तरह ट्रेड कर सकते हैं।

बाकी अगर आपको इस पैटर्न में ट्रेड करनी है तो इसके लिए भी आप बेयरिश पेनांट पैटर्न की तरह ही ट्रेड कर सकते है

Cup and Handle Pattern in Hindi

Cup and Handle Pattern in Hindi

कप एंड हैंडल पैटर्न एक तरह का कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है इसके बनने से भी प्राइस ट्रेंड को फिर से जारी रखता है और अपट्रेंड की और जाने लगता है

कप एंड हैंडल का मतलब होता है की प्राइस चार्ट में अपट्रेंड की और जा रहा होता है और उसे आगे जाकर एक रेजिस्टेंस मिल जाता है जिसके बाद यह प्राइस गिरने लगता है और कुछ समय बाद फिर से रेजिस्टेंस लेवल के बराबर आ जाता है जिससे एक कप की आकर्ति बनती है अब प्राइस फिर से निचे की और जाने लगता है और फिर से ऊपर रेजिस्टेंस लेवल के बराबर आ जाता है लेकिन अबकी बार प्राइस पिछली बारे के मुताबिक एक तिहाई काम गिरा जिससे हैंडल बना और यह दोनों मिलकर कप और हैंडल का निर्माण करते है इसलिए इसे कप एंड हैंडल पैटर्न कहते है

इस पैटर्न के बनने के बाद हमें इसके ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए क्योकि इस पैटर्न के बनने के बाद हमें बोहोत बड़ी तेजी देखने को मिल सकती है

इस पैटर्न में २ रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट लेवल होते है जिसमे पहला सपोर्ट लेवल बहुत निचे बनता है जो कप पैटर्न के द्वारा बनता है और दूसरा सपोर्ट हैंडल के निचे बनता है

यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम पर देखने को मिलेगा

इसके बाद आइए अब जानते है की इस पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे

कप एंड हैंडल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade cup and handle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर कप एंड हैंडल की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल के निचे या इसके आखरी सपोर्ट लेवल पर रखें, जैसा चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट कप पैटर्न के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Reverse Cup and Handle Pattern in Hindi

Reverse Cup and Handle Pattern in Hindi

रिवर्स कप एंड हैंडल पैटर्न एक तरह का कॉन्टीनुअशन पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता है इसके बनने से प्राइस ट्रेंड को फिर से जारी रखता है और डाउन ट्रेंड की और जाने लगता है

यह पैटर्न कप एंड हैंडल पैटर्न की ही तरह होता है बस इसमें फर्क इतना होता है की यह चार्ट में डाउन ट्रेंड में बनता है और कप एंड हैंडल पैटर्न का उल्टा पैटर्न बनता है जैसा चार्ट में दिखाया है

इस पैटर्न के बनने के बाद हमें इसके ब्रेकआउट का इंतजार करना चाहिए क्योकि इस पैटर्न के बनने के बाद हमें बोहोत बड़ी मंडी देखने को मिल सकती है

इस पैटर्न में २ रेजिस्टेंस और 2 सपोर्ट लेवल होते है जिसमे पहला रेजिस्टेंस बहुत ऊपर होता है जो कप पैटर्न के द्वारा बनता है और दूसरा रेजिस्टेंस हैंडल के ऊपर बनता है

यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम, 15 मिनट टाइम फ्रेम और 5 मिनट टाइम फ्रेम पर देखने को मिलेगा

इसके बाद आइए अब जानते है की इस पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे

रिवर्स कप एंड हैंडल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade reverse cup and handle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर रिवर्स कप एंड हैंडल की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए भी रिवर्स हो सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • स्टॉप लॉस को ब्रेकआउट कैंडल के ऊपर या इसके आखरी रेजिस्टेंस लेवल पर रखें, जैसा चार्ट में दिखाया गया है।
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट कप पैटर्न के बिच की दुरी होती है जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Ascending Triangle Pattern in Hindi

Ascending Triangle Pattern in Hindi

असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न एक न्यूट्रल चार्ट पैटर्न है जो चार्ट पर अपट्रेंड में बनता है और इसका ब्रेकआउट जिधर भी होता है यह उसी दिशा में जाने लगता है

असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न का मतलब है कि इसका रेजिस्टेंस ऊपर की और होरिजेंटल लाइन के द्वारा बनेगा और इसका सपोर्ट एक ट्रेंड के द्वारा बनेगा और यह ट्रेंड लाइन आगे जाकर इसके रेजिस्टेंस लेवल से मिल जायेगा तो इसे असेंडिंग ट्रायंगल कहेंगे

इस पैटर्न में पहले तो रेजिस्टेंस लेवल बनता है और फिर एक सपोर्ट लेवल बनता है यह लेवल शुरुआत में एक दूसरे से बहुत दूर होते है लेकिन जैसे जैसे इस पैटर्न के अंदर नए नए सपोर्ट बनते है तो इसका सपोर्ट लेवल रेजिस्टेंस लेवल के पास होता जाता है

इस पैटर्न में एक लेवल पर रेजिस्टेंस बनते है अलग अलग लेवल पर सपोर्ट बनते है

इस पैटर्न में किसी भी तरफ ब्रेकआउट हो सकता है और जैसे ही ब्रेकआउट होगा प्राइस भी उसी दिशा में जाने लगेगा

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम में या वीकली टाइम फ्रेम में देखने को मिलगा

अभी तक हमने असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade ascending triangle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए रिवर्स जा सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • इस पैटर्न में जिस भी तरह ब्रेकआउट मिले आप उसमे उसके ब्रेकआउट कैंडल का आखरी सिरा या उसके नजदीकी सपोर्ट या रेजिस्टेंस का स्टॉपलॉस रख सकते है
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट पहले सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी हो सकती है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Descending Triangle Pattern in Hindi

Descending Triangle Pattern in Hindi

डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न एक न्यूट्रल चार्ट पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड में बनता है और इसका ब्रेकआउट जिधर भी होता है यह उसी दिशा में जाने लगता है

यह पैटर्न असेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न की तरह ही होता है बस इसमें फर्क इतना होता है की यह डाउन ट्रेंड में बनता है और इसमें रेजिस्टेंस एक ट्रेंड लाइन के जरिये बनते है और सपोर्ट एक सीधी रेखा पर बनता है चार्ट में सबसे निचे की और बनता है

इस पैटर्न कई सारे सपोर्ट और रेजिस्टेंस होते है जो धीरे धीरे एक दूसरे के करीब होते जाते है और आगे जाकर एक ब्रेकआउट में तब्दील हो जाता है

इस पैटर्न में किसी भी और ब्रेकआउट हो सकता है क्योकि यह एक न्यूट्रल पैटर्न है और जैसे ही ब्रेकआउट होगा प्राइस भी उसी दिशा में जाने लगेगा

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम में या वीकली टाइम फ्रेम में देखने को मिलगा

अभी तक हमने डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Descending Triangle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए रिवर्स जा सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • इस पैटर्न में जिस भी तरह ब्रेकआउट मिले आप उसमे उसके ब्रेकआउट कैंडल का आखरी सिरा या उसके नजदीकी सपोर्ट या रेजिस्टेंस का स्टॉपलॉस रख सकते है
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट पहले सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी हो सकती है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Symmetrical Contracting Triangle Pattern in Hindi

Symmetrical Contracting Triangle Pattern in Hindi

सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल पैटर्न एक न्यूट्रल चार्ट पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड या अपट्रेंड किसी भी और बन सकता है और इसका ब्रेकआउट जिधर भी होता है प्राइस भी उसी दिशा में जाने लगता है

सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल का मतलब होता है की यह पैटर्न दोनों और से कॉन्ट्रैक्ट होता है मतलब की दोनों और से ट्रायंगल का मुँह काम होता जाता है और आगे जाकर एक दूसरे के बहुत करीब हो जाते है जिसके बाद एक ब्रेकआउट होता है और फिर यह उसी दिशा में जाने लगता है

यह पैटर्न दो ट्रेंड लाइन के जरिये बनता है एक ट्रेंड लाइन ऊपर से निचे की और जाती है और दूसरी ट्रेंड लाइन निचे से ऊपर की और जाती है और आगे जाकर एक दूसरे से मिल जाती है तो हमें सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल देखने को मिलता है

इन दोनों ट्रेंड लाइन के बिच प्राइस मूव करता रहता है और ब्रेकआउट का इंतजार करता है

और इस पैटर्न में किसी भी और ब्रेकआउट हो सकता है क्योकि यह एक न्यूट्रल पैटर्न है और जैसे ही ब्रेकआउट होगा प्राइस भी उसी दिशा में जाने लगेगा

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम में या वीकली टाइम फ्रेम में देखने को मिलेगा

अभी तक हमने सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Symmetrical Contracting Triangle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर सयंमेट्रिकल कांट्रेक्टिंग ट्रायंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए रिवर्स जा सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • इस पैटर्न में जिस भी तरह ब्रेकआउट मिले आप उसमे उसके ब्रेकआउट कैंडल का आखरी सिरा या उसके नजदीकी सपोर्ट या रेजिस्टेंस का स्टॉपलॉस लगा सकते है
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट पहले सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी हो सकती है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

Symmetrical Expanding Triangle Pattern in Hindi

Symmetrical Expanding Triangle Pattern in Hindi

सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न एक न्यूट्रल चार्ट पैटर्न है जो चार्ट पर डाउन ट्रेंड या अपट्रेंड किसी भी और बन सकता है और इसका ब्रेकआउट जिधर भी होता है प्राइस भी उसी दिशा में जाने लगता है

सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल का मतलब होता है की यह पैटर्न दोनों और से एक्सपैंड होता है मतलब की दोनों और से ट्रायंगल का मुँह बढ़ता जाता है और आगे जाकर एक दूसरे के बहुत दूर हो जाता है जिसके बाद एक ब्रेकआउट होता है और फिर यह उसी दिशा में जाने लगता है

यह पैटर्न दो ट्रेंड लाइन के जरिये बनता है और यह ट्रेंड लाइन शुरू में एक दूसरे से मिली होती है और फिर बाद में एक दूसरे से दूर होने लगती है जिसमे एक ट्रेंड लाइन ऊपर की और जाती है और दूसरी ट्रेंड लाइन निचे की और जाती है और आगे जाकर एक दूसरे से बहुत दूर हो जाते है तो इसे हम सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल कहते है

इन दोनों ट्रेंड लाइन के बिच प्राइस मूव करता रहता है और ब्रेकआउट का इंतजार करता है

और यह ब्रेकआउट किसी भी दिशा में हो सकता है क्योकि यह एक न्यूट्रल पैटर्न है और इसे जिधर भी ब्रेकआउट मिलेगा यह उसी दिशा में जाने लगेगा

आपको यह पैटर्न डेली टाइम फ्रेम में या वीकली टाइम फ्रेम में देखने को मिलेगा

अभी तक हमने सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न कैसे बनता है? और इसकी पहचान कैसे करे के बारे में जाना अब हम सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेडिंग कैसे करे इसके बारे में जानना शुरू करते है

सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न में ट्रेड कैसे करें? (How to trade Symmetrical Expanding Triangle Pattern?)

  • सबसे पहले चार्ट पर सयंमेट्रिकल एक्सपैंडिंग ट्रायंगल पैटर्न की पहचान करें
  • इसके बाद इसके ब्रेकआउट का इंतजार करें, ध्यान दें कि इसके ब्रेकआउट के वक्त उस कैंडल का वॉल्यूम पिछले कैंडल से अधिक होना चाहिए।
  • ब्रेकआउट के बाद, अगले कैंडल के बनने की प्रतीक्षा करें, जो संकेत देता है कि अभी प्रवेश करना है या नहीं।
  • कभी-कभी प्राइस रिटेस्ट के लिए रिवर्स जा सकता है, इसलिए या तो इसके रिटेस्ट होने की प्रतीक्षा करें या स्टॉप लॉस सेट करके ट्रेड करें।
  • इस पैटर्न में जिस भी तरह ब्रेकआउट मिले आप उसमे उसके ब्रेकआउट कैंडल का आखरी सिरा या उसके नजदीकी सपोर्ट या रेजिस्टेंस का स्टॉपलॉस लगा सकते है
  • टारगेट सेट करना न भूलें, इस पैटर्न में आपका टारगेट पहले सपोर्ट और रेजिस्टेंस के बिच की दुरी हो सकती है
  • लाभ को और बढ़ाने के लिए ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें।

[Top 24] Chart Pattern ट्रेडिंग करते समय पता होने चाहिए

इस पोस्ट में, हमने 24 चार्ट पैटर्न के बारे में बताया है जो आपको ट्रेडिंग करते समय पता होना चाहिए, जो आपको नए ट्रेडिंग अवसर खोजने में मदद करेगा। इन 24 चार्ट पैटर्न में आपको रिवर्सल चार्ट पैटर्न, कंटिन्यूएशन चार्ट पैटर्न और न्यूट्रल चार्ट पैटर्न मिलेंगे।

Chart Pattern कितने प्रकार के होते है

स्टॉक मार्केट में तीन प्रकार के चार्ट पैटर्न होते हैं: रिवर्सल चार्ट पैटर्न, निरंतरता चार्ट पैटर्न और तटस्थ चार्ट पैटर्न।

Reversal पैटर्न क्या होता है

एक Reversal Pattern को वह पैटर्न कहा जाता है जिसके कारण ट्रेंड रिवर्सल होता है; यह पैटर्न चार्ट पर अपट्रेंड या डाउनट्रेंड में बनता है।

Continuation पैटर्न क्या होता है

एक continuation pattern उस पैटर्न को कहा जाता है, जिसके कारण ट्रेंड फिर से उसी ट्रेंड पर चलने लगता है; और यह पैटर्न चार्ट पर अपट्रेंड या डाउनट्रेंड में बनता है।

निष्कर्ष: शेयर मार्केट में चार्ट पैटर्न क्या है?

इस पोस्ट में, हमने 24 चार्ट पैटर्न के बारे में समझाया है, साथ ही चार्ट पैटर्न क्या है, चार्ट पैटर्न कितने प्रकार के होते हैं, चार्ट पैटर्न को कैसे पढ़ें, ट्रेडिंग में चार्ट पैटर्न का उपयोग कैसे करें, आदि। के बारे में बताया है इस पोस्ट को अंत तक पढ़ने के लिए धन्यवाद।

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1 thought on “शेयर मार्केट में चार्ट पैटर्न क्या है, कितने प्रकार के होते हैं और कैसे समझें? | Share Market Chart Pattern in Hindi”

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