[Used By Experts 2023] Best Share Market Indicators in Hindi | शेयर मार्केट इंडिकेटर क्या है

नमस्कार दोस्तों, क्या आप भी Share Market Indicators in Hindi के बारे में जानना चाहते हैं कि शेयर मार्केट इंडिकेटर क्या है और इसका उपयोग कैसे करे? तो यह पोस्ट आपके लिए इसे जानने में मददगार साबित होगी।

इस पोस्ट में हम सबसे पहले जानेंगे कि शेयर मार्केट इंडिकेटर क्या है, इसका उपयोग किस लिए किया जाता है। और हम इसका उपयोग कैसे करे। इसके बाद इससे जुड़े कई और पहलुओं के बारे में जानेंगे।

इसके बाद, हम इंट्राडे ट्रेडिंग, स्विंग ट्रेडिंग और ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए बेस्ट इंडिकेटर के बारे में जानेंगे और फिर बाद में हम कुछ बेस्ट कॉम्बिनेशन इंडिकेटर के बारे में जानेंगे।

और फिर अंत में हम इसके फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे।

तो चलिए स्टॉक मार्केट इंडिकेटर क्या है इसके बारे में जानना शुरू करते है

शेयर मार्केट इंडिकेटर क्या है (Share Market indicators in Hindi)

विषय सूची

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शेयर मार्केट इंडिकेटर एक ऐसा टूल है जो ट्रेडिंग के दौरान हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स में Entry और Exit के बारे में सिग्नल देकर हमारी मदद करता है। इन टूल्स की मदद से हमें मार्केट का ट्रेंड, स्टॉक में वोलैटिलिटी, मोमेंटम, स्ट्रेंथ आदि के बारे में पता चलता है।

शेयर बाजार में इन उपकरणों के कई प्रकार हैं और प्रत्येक संकेतक आपको विभिन्न प्रकार की जानकारी देता है।

अतः किसी विशेष प्रकार की सूचना प्राप्त करने के लिए आपको उससे संबंधित संकेतक का प्रयोग करना होता है; इंडिकेटर को हिंदी में संकेतक कहते हैं।

यह इंडिकेटर स्टॉक के विभिन्न पैरामीटर जैसे प्राइस, वॉल्यूम, वोलैटिलिटी आदि की गणना करके बनाया गया है, और यह इंडिकेटर चार्ट पर विभिन्न प्रकार की लाइन का उपयोग करके ग्राफ द्वारा प्रदर्शित किये जाते है।

जिसके इस्तेमाल से हमें ट्रेडिंग के समय बहुत सारी जानकारी मिलती है जिससे हम स्टॉक की कीमत का अनुमान लगा सकते हैं कि स्टॉक की कीमत कब ऊपर या नीचे जाएगी।

इसी तरह कुछ और इंडिकेटर भी हैं जो हमें किसी शेयर को कब खरीदना है और कब बेचना है इसकी जानकारी देते हैं जिसके इस्तेमाल करके हम ट्रेडिंग भी कर सकते हैं। ये संकेतक हमारे व्यापार की सटीकता को बढ़ाने में मदद करते हैं।

अब तक आप जान गए होंगे कि शेयर मार्केट इंडिकेटर क्या होता है। अब हम जानेगे कि शेयर मार्केट में इंडिकेटर का उपयोग किस लिए किया जाता है।

शेयर मार्केट में इंडिकेटर का इस्तेमाल किस लिए किया जाता है

शेयर मार्केट में, इंडिकेटर का इस्तेमाल टेक्निकल एनालिसिस के दौरान सबसे अधिक किया जाता है। टेक्निकल एनालिसिस में, हम चार्ट पर इंडिकेटर का इस्तेमाल करके उसमे छिपी ट्रेडिंग अपोर्चुनिटी की तलाश करते हैं।

इसके इस्तेमाल से हमें किसी शेयर की कीमत में होने वाले बदलाव के बारे में पहले से ही पता चल जाता है जिससे हम किसी गलत ट्रेड को करने से बच सकते हैं। यह हमें इस बात के लिए भी सूचित करता है कि हम जो ट्रेड करने जा रहे हैं, उसके आगे जाने की क्या संभावना है।

अब तक हमने जाना कि इंडिकेटर क्या होता है और इसका इस्तेमाल किस के लिए किया जाता है; अब हम जानेंगे कि इंडिकेटर का इस्तेमाल कैसे करे।

शेयर मार्केट में इंडिकेटर का इस्तेमाल कैसे करे (How to use Indicators in Share Market)

शेयर मार्केट में इंडिकेटर का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है; इसके लिए सबसे आपको पहले Google पर उस कंपनी या इंडेक्स का नाम Search करना है जिसका चार्ट आप एनालाइज करना चाहते हैं, जैसे मैंने बैंक निफ्टी इंडेक्स चार्ट को सर्च किया है।

इसके बाद नीचे आपको कई वेबसाइट दिखाई देंगी जिनमें से आपको किसी एक वेबसाइट पर क्लिक करना है जैसे Investing.com, Tradingview.com, Moneycontrol.com या Groww.in

वेबसाइट खुलने के बाद नीचे की और बैंक निफ्टी का चार्ट दिखाई देगा। उस चार्ट को बड़ा कर ले।

bank nifty index chart

इसके बाद चार्ट में कई महत्वपूर्ण विकल्प ऊपर की और दिखाई देंगे, जैसे सर्च, टाइम ड्यूरेशन, चार्ट के प्रकार, इंडिकेटर आदि।

  • सबसे पहले आपको सर्च में उस कंपनी का नाम सर्च करना है जिसका चार्ट आप एनालाइज करना चाहते हैं।
  • इसके बाद, आपको टाइम फ्रेम सेलेक्ट करना होगा आप उस टाइम को सेलेक्ट करे जिसे टाइम फ्रेम में आप चार्ट को एनालाइज करना चाहते हैं।
  • इसके बाद आपको चार्ट सेलेक्ट करना है; इसमें आप लाइन चार्ट या कैंडल चार्ट को सेलेक्ट कर सकते हैं।
  • इसके बाद आपको इंडिकेटर पर क्लिक करना होगा। यहां एक सर्च बॉक्स खुलेगा, जिसमें आपको उस इंडिकेटर को सर्च करना है, जिसे आप चार्ट पर लगाना चाहते हैं और जिसके जरिए आप चार्ट का विश्लेषण करना चाहते हैं।
  • जैसे मैंने RSI इंडिकेटर को सर्च किया तो मेरे सामने RSI इंडिकेटर आ गया मेने उसपर क्लिक किया और फिर यह इंडिकेटर मेरे चार्ट में जुड़ गया।

इसी तरह, आप चार्ट पर कई सरे इंडिकेटर लगा सकते हैं।

वैसे तो आपको यहाँ पर बहुत सारे इंडिकेटर देखने को मिल जायेंगे लेकिन इनमें से कौन सा इंडिकेटर वास्तव में काम करता है और किन इंडिकेटर का इस्तेमाल करने के लिए अनुभवी लोग कहते है इसके बारे में निचे बताया गया है

शेयर मार्केट में सबसे अच्छा इंडिकेटर कौन सा है? (Which is the Best Indicator in the Stock Market?)

यहां पर हम कुछ प्रसिद्ध शेयर मार्केट इंडिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं जो बहुत ही अनुभवी तकनीकी विश्लेषकों द्वारा उपयोग किए जाते हैं और वे उनका उपयोग करने की सलाह भी देते हैं। ये कुछ बेहतरीन तकनीकी इंडिकेटर हैं जो वास्तव में काम करते हैं और सही जानकारी प्रदान करते हैं। आइए इसके बारे में जानते हैं।

  • RSI
  • ROC
  • ADX
  • ATR
  • CCI
  • OBV
  • MFI
  • MACD
  • VWAP
  • Supertrend
  • Bollinger Bands
  • Moving Averages
  • Williams %R
  • Parabolic SAR
  • Stochastic Oscillator
  • Standard Deviation
  • Parabolic sar
  • Aroon
  • Chaikin Oscillator
  • Donchian Channel
  • Camarilla Pivot Points

RSI इंडिकेटर क्या है (RSI Indicator in Hindi)

RSI इंडिकेटर एक लीडिंग इंडिकेटर है, जिसकी वजह से यह हमें पहले ही संकेत देने लगता है कि शेयर की कीमत किस दिशा में जाने वाली है। इस इंडिकेटर को तकनीकी इंडिकेटर भी कहा जाता है।

RSI इंडिकेटर का फुल फॉर्म रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स है

यह इंडिकेटर शेयर की कीमत के बढ़ने और गिरने की गति को मापने का काम करता है। इस इंडिकेटर से हमें ट्रेंड रिवर्सल के बारे में पहले ही संकेत मिल जाता हैं, इसलिए यह इंडिकेटर शेयर बाजार में सबसे लोकप्रिय है।

RSI इंडिकेटर एक मोमेंटम ऑसिलेटर है, और ऑसिलेटर का मतलब है कि यह एक सीमा में चलता है, और इसकी सीमा 0 से 100 के बीच राखी है।

  • जब RSI इंडिकेटर में ऑसिलेटर 0 और 30 के बीच चलता है, तो इसका मतलब है कि स्टॉक ओवरसोल्ड है। ओवरसोल्ड का मतलब है कि इसे अधिक मात्रा में बेचा जा चूका है और अब इसे और नहीं बेचा जायेगा।
  • इसलिए इस समय ट्रेडर को खरीदारी के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि यहां से शेयर की कीमत ऊपर जाने के आसार होते हैं।
  • और जब ऑसिलेटर RSI इंडिकेटर में 70 और 100 के बीच चलता है, तो इसका मतलब है कि स्टॉक ओवरबाउट है। ओवरबाउट का मतलब है कि इसे अधिक मात्रा में ख़रीदा जा चूका है और अब इसे और नहीं ख़रीदा जायेगा।
  • इसलिए इस समय ट्रेडर को बेचने के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि यहां से शेयर की कीमत के नीचे जाने के आसार होते है।
  • और अगर ऑसिलेटर RSI इंडिकेटर में 30 और 70 के बीच चलता है, तो इसका मतलब है कि स्टॉक न तो ओवरसोल्ड है और न ही ओवरबाउट।
  • इस समय आपको मूवमेंट ज्यादा देखने को मिलेंगे लेकिन ऐसे में रिवर्सल होने की संभावना काफी कम होती है इसलिए इस समय आपको मोमेंटम की दिशा में ट्रेडिंग करने के बारे में सोचना चाहिए।

अब तक, हमने सीखा है कि RSI इंडिकेटर क्या है, यह कैसे काम करता है और ट्रेडिंग के समय हम इसका उपयोग कैसे कर सकते हैं। उसके बाद, हम अगले संकेतक के बारे में जानते हैं।

ROC इंडिकेटर क्या है (ROC Indicator in Hindi)

ROC इंडिकेटर भी एक लीडिंग इंडिकेटर है; यह इंडिकेटर हमें कीमतों में होने वाले बदलाव की सकारात्मकता और नकारात्मकता के बारे में जानकारी देता है। इस इंडिकेटर को मोवमेंटम टेक्निकल इंडिकेटर भी कहा जाता है।

ROC इंडिकेटर का फुल फॉर्म रेट ऑफ चेंज है

यह इंडिकेटर कुछ समय पहले किसी शेयर की कीमत में उसकी मौजूदा कीमत और कुछ समय पहले की कीमत के बीच प्रतिशत परिवर्तन को मापता है।

यह इंडिकेटर शून्य रेखा के ऊपर और नीचे चलता है। शून्य से ऊपर के क्षेत्र को “सकारात्मक क्षेत्र” कहा जाता है और शून्य से नीचे के क्षेत्र को “नकारात्मक क्षेत्र” कहा जाता है। इसे हम अपट्रेंड और डाउनट्रेंड से भी समझ सकते हैं।

  • जब ROC इंडिकेटर शून्य से ऊपर जाता है, तो यह एक अपट्रेंड को दर्शाता है, और जब यह शून्य से नीचे जाता है, तो यह डाउनट्रेंड को दर्शाता करता है।
  • लेकिन अगर ROC इंडिकेटर ऊपर की तरफ है लेकिन कीमत में ऊपर की और तेजी से बदलाव नहीं होता है, तो ROC इंडिकेटर शून्य लाइन की ओर बढ़ना शुरू कर देगा, जो यह संकेत देगा कि बाजार में अब तेजी नहीं रही जिससे ट्रेंड बदलने की संभावना होती है।
  • इसी तरह, अगर ROC इंडिकेटर नीचे की ओर है, लेकिन कीमत में नीचे की और तेजी से बदलाव नहीं होता, तो ROC इंडिकेटर फिर से शून्य की ओर बढ़ना शुरू कर देगा, जो यह दिखाएगा कि बाजार में मंदी धीमी हो गई है, जिससे ट्रेंड बदलने की संभावना बढ़ जाती है।

यह इंडिकेटर हमें यह बताने की कोसिस करता है की अगर मार्केट में तेजी है तो यह ऊपर या नीचे की और बढ़ेगा और अगर मार्केट में तेजी नहीं है तो यह शून्य के आस पास घूमता रहेगा असल में यह इंडिकेटर हमें मार्केट की तेजी को दर्शाता है और हमें भी इसी के आधार पर ट्रेड करना चाहिए

शेयर मार्केट में इंडिकेटर कितने प्रकार के होते हैं? (How many types of indicators are there in the stock market?)

शेयर मार्केट में टेक्निकल इंडिकेटर दो प्रकार के होते है

  • लीडिंग इंडिकेटर (Leading Indicators)
  • लैगिंग इंडिकेटर (Lagging Indicators)

इन दोनों इंडिकेटर के बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।

लीडिंग इंडिकेटर क्या होता है (what is a Leading Indicator)

लीडिंग इंडिकेटर वह होता है जो प्राइस से आगे बढ़ता है। इसका मतलब यह है कि चार्ट में कीमत पर किसी भी तरह की हलचल होने से पहले इंडिकेटर में हलचल होने लगती है, जिससे हमें पहले से ही संकेत मिल जाता है कि प्राइस किस और बढ़ने वाला है। इसलिए इसे लीडिंग इंडिकेटर कहते है

लीडिंग इंडिकेटर के फायदे क्या है (What are the advantages of leading indicator)

  • लीडिंग इंडिकेटर का फायदा यह है कि हमें Stock में Entry और Exit के बारे में पहले से ही सिग्नल मिल जाते हैं।
  • लीडिंग इंडिकेटर से अधिक संकेत मिलने से हमारे ट्रेड के अवसर बढ़ जाते हैं।

लीडिंग इंडिकेटर के नुकसान क्या है (What are the disadvantages of leading indicator)

  • ज्यादा सिग्नल मिलने की वजह से कई बार नकली सिग्नल भी मिल जाते हैं ऐसे में अगर आप ट्रेड करते हैं तो आपको नुकसान हो सकता है।
  • यह इंडिकेटर प्राइस के मुताबिक अधिक तेज चलता है। जिसकी वजह से प्राइस तो धीरे धीरे चलता है लेकिन इंडिकेटर में सिग्नल बड़े बड़े देखने को मिलते है जिससे हम गलत ट्रेड ले लेते है

लीडिंग इंडिकेटर लिस्ट (Best Leading Indicators)

यहां लीडिंग इंडिकेटर के कुछ प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं, जिनका उपयोग आप ट्रेडिंग के समय कर सकते हैं।

  • RSI Indicator
  • stochastic oscillator
  • Williams %R
  • OBV Indicator
  • MACD
  • Bollinger Bands
  • ATR
  • CCI
  • chaikin oscillator
  • ROC

लैगिंग इंडिकेटर क्या होता है (what is a Lagging Indicator)

लैगिंग इंडिकेटर एक तरह का इंडिकेटर है जो चार्ट पर प्राइस के पीछे चलता है यह इंडिकेटर किसी भी प्रकार का संकेत नहीं देता यह तो हमें बताता है की मार्केट में कौन सा ट्रेंड चल रहा है यह इंडिकेटर प्राइस के पीछे चलने के कारण ही इसे लैगिंग इंडिकेटर कहते है

इस इंडिकेटर का इस्तेमाल टेक्निकल एनालिसिस में इसलिए किया जाता है क्योकि यह इंडिकेटर सटीक जानकारी देते है

लैगिंग इंडिकेटर के फायदे क्या है (What are the advantages of Lagging Indicator)

  • यह इंडिकेटर ट्रेडर को देर से ही सही लेकिन सही और सटीक जानकारी देता है
  • इस इंडिकेटर से हमें ट्रेंड को समझने में मदद मिलती है
  • इस इंडिकेटर से हमें किसी ट्रेड से निकलने में मदद मिलती है

लैगिंग इंडिकेटर के नुकसान क्या है (What are the disadvantages of Lagging indicator)

  • इस इंडिकेटर से हमें देर से बताता है जिससे हमारा ट्रेड छूट जाता है
  • यह इंडिकेटर ट्रेंड के चेंज होने पर इंडीकेट करता है

लैगिंग इंडिकेटर लिस्ट (Best Lagging Indicators)

यहां लैगिंग इंडिकेटर के कुछ प्रमुख उदाहरण दिए गए हैं, जिनका उपयोग आप लैगिंग इंडिकेटर के तोर पर भी कर सकते हैं।

  • Moving averages
  • MACD indicator
  • Bollinger bands

कार्य के आधार पर इंडिकेटर कितने प्रकार के होते हैं? (How Many Types of Indicators are there on the Basis of Function?)

यदि हम बात करे की कार्य के आधार पर इंडिकेटर कितने प्रकार के होते है तो ये चार प्रकार के होते है जो इस प्रकार है:

  • Trend Indicator
  • Volatility Indicator
  • Momentum Indicator
  • volume indicator

ट्रेंड इंडिकेटर क्या होता है (What is a Trend Indicator)

ट्रेंड इंडिकेटर वह इंडिकेटर होता है जो हमें ट्रेंड के बारे में इंडीकेट करता है जिसके उपयोग से हमें ट्रेंड के बारे में पता चलता है की मार्केट में अभी किस तरह का ट्रेंड चल रहा है अपट्रेंड, डाउनट्रेंड या साइडवेज़ ट्रेंड

ट्रेंड इंडिकेटर की लिस्ट (List of Trend Indicator)

यहां ट्रेंड इंडिकेटर्स के कुछ उदाहरण दिए गए हैं

  • Moving average Indicator
  • Supertrend Indicator
  • Parabolic sar Indicator
  • MACD

वोलैटिलिटी इंडिकेटर क्या होता है (What is a Volatility Indicator)

वोलैटिलिटी इंडिकेटर वह इंडिकेटर होते है जो किसी स्टॉक या इंडेक्स में होने वाले ट्रेड की इस्थिति को दर्शाता है जिस जगह सबसे अधिक ट्रेड किये जाते है उस जगह सबसे अधिक वोलैटिलिटी देखने को मिलती है और हर ट्रेडर को इस वोलैटिलिटी का फायदा उठाना चाहिए

वोलैटिलिटी इंडिकेटर की लिस्ट (List of Volatility Indicator)

यहां वोलैटिलिटी इंडिकेटर्स के कुछ उदाहरण दिए गए हैं

  • MACD
  • RSI
  • ADX
  • Bollinger Bands Indicator
  • ATR

मोमेंटम इंडिकेटर क्या होता है (What is a Momentum Indicator)

मोमेंटम इंडिकेटर एक तकनीकी इंडिकेटर है जो हमें ट्रेडिंग के समय कीमत के मूवमेंट को समझने में मदद करता है, कि प्राइस में किस तरह की मूवमेंट हो रही है, और कब हम इस मूवमेंट से ट्रेडिंग के समय Entyr और Exit की Position बना सकते हैं।

मोमेंटम इंडिकेटर की लिस्ट (List of Momentum Indicator)

यहां मोमेंटम इंडिकेटर्स के कुछ उदाहरण दिए गए हैं

  • Bollinger Bands Indicator
  • ATR
  • Donchian Channel Indicator
  • Stochastic Oscillator
  • CCI
  • RSI

वॉल्यूम इंडिकेटर क्या होता है (What is a Volume Indicator)

वॉल्यूम इंडिकेटर भी एक तरह का टेक्निकल इंडिकेटर होता है जो हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स में किस समय या किस कैंडल पर सबसे ज्यादा खरीदारी और बिक्री हुई है, उसकी ट्रेडिंग का वॉल्यूम दिखाता है। इसलिए इसे वॉल्यूम इंडिकेटर कहते हैं

वॉल्यूम इंडिकेटर की लिस्ट (List of Volume Indicator)

यहां वॉल्यूम इंडिकेटर्स के कुछ उदाहरण दिए गए हैं

  • OBV
  • MFI
  • VWAP
  • chaikin oscillator
  • ROC

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छा इंडिकेटर कौन सा है? (Which is the best indicator for intraday trading?)

नीचे इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छे इंडिकेटर के बारे में बताया गया हैं जिनका उपयोग आप इंट्राडे ट्रेडिंग के समय अपने चार्ट का विश्लेषण करने के लिए कर सकते हैं।

  • VWAP Indicator
  • Supertrend Indicator
  • Moving Average
  • macd indicator
  • bollinger band indicator
  • RSI indicator
  • ADX indicator
  • obv indicator

स्विंग ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छा इंडिकेटर कौन सा है? (Which is the best indicator for Swing Trading?)

यहां स्विंग ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छे इंडिकेटर के बारे में बताया गया हैं जो आपको स्विंग ट्रेडिंग के लिए चार्ट का विश्लेषण करने में मदद कर सकते हैं।

  • MACD Indicator
  • RSI Indicator

ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छा इंडिकेटर कौन सा है? (Which is the best indicator for Option Trading?)

यहां ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छे इंडिकेटर के बारे में बताया गया हैं जो आपको ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए चार्ट का विश्लेषण करने में मदद कर सकते हैं। और इसके इस्तेमाल से आप अपनी Entry और Exit तय कर पाएंगे।

  • ADX Indicator
  • EMA (9, 21, 50, 100 and 200)
  • Bollinger Band indicator

तकनीकी इंडिकेटर का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best Combination of Technical Indicators)

यहां हमने ट्रेडिंग के समय इस्तेमाल होने वाले कुछ बेहतरीन तकनीकी इंडिकेटर के कॉम्बिनेशन के बारे में बताया है जिनका इस्तेमाल बड़े टेक्निकल एनालिसिस चार्ट्स को एनालाइज करने के लिए किया करते है, जिनका आप भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए इंडिकेटर का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best Combination of Indicators for Intraday Trading)

यहां हमने इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान उपयोग होने वाले सबसे अच्छे इंडिकेटर कॉम्बिनेशन के बारे में बताया हैं, जो आपको विभिन्न प्रकार की ट्रेडिंग करने में मदद करेंगे। जैसे ट्रेंड ट्रेडिंग, मूवमेंट ट्रेडिंग, वोलैटिलिटी ट्रेडिंग और वॉल्यूम ट्रेडिंग।

ट्रेंड ट्रेडिंग का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best combination of Trend Trading)

यह ट्रेंड ट्रेडिंग का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन है, जिसका उपयोग अनुभवी तकनीकी विश्लेषकों द्वारा किया जाता है और आप भी इसका इस्तेमाल कर सकते है।

  • ADX
  • Parabolic SAR
  • Moving Averages

मोमेंटम ट्रेडिंग का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best combination of Momentum Trading)

यह मोमेंटम ट्रेडिंग का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन है, जिसका उपयोग अनुभवी तकनीकी विश्लेषकों द्वारा किया जाता है और आप भी इसका इस्तेमाल कर सकते है।

  • Stochastic Oscillator
  • RSI
  • MACD

वोलैटिलिटी ट्रेडिंग का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best combination of Volatility Trading)

यह वोलैटिलिटी ट्रेडिंग का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन है, जिसका उपयोग अनुभवी तकनीकी विश्लेषकों द्वारा किया जाता है और आप भी इसका इस्तेमाल कर सकते है।

  • Bollinger Bands
  • ATR
  • Standard Deviation

स्विंग ट्रेडिंग के लिए इंडिकेटर का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best Combination of Indicators for Swing Trading)

यह स्विंग ट्रेडिंग में उपयोग किए जाने वाले इंडिकेटर का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन है, जिसका उपयोग अनुभवी तकनीकी विश्लेषकों द्वारा किया जाता है, और आप भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

  • RSI
  • ADX

ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए इंडिकेटर का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन (Best Combination of Indicators for Option Trading)

यह ऑप्शन ट्रेडिंग में उपयोग किए जाने वाले इंडिकेटर का सबसे अच्छा कॉम्बिनेशन है, जिसका उपयोग अनुभवी तकनीकी विश्लेषकों द्वारा किया जाता है, और आप भी इसका उपयोग कर सकते हैं।

  • Bollinger Bands
  • Relative Strength Index (RSI)
  • Moving Average Convergence Divergence (MACD)

शेयर मार्केट इंडिकेटर के फायदे और नुकसान (Advantages and Disadvantages of Share Market Indicators in Hindi)

शेयर मार्केट में कई सारे इंडिकेटर होते है और हर इंडिकेटर के कई सारे फायदे और नुकसान होते हैं, और इन सभी फायदे और नुकसान के बारे में हमने नीचे उल्लेख किया गया है।

शेयर मार्केट इंडिकेटर के फायदे (Advantages of Share Market Indicators in Hindi)

यहां पर स्टॉक मार्केट इंडिकेटर के कुछ फायदों के बारे में बताया गया है, जो कुछ इस प्रकार से हैं

  • इंडिकेटर हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स में कब प्रवेश करना है और कब निकलना है इसके बारे में संकेत देते हैं।कई इंडिकेटर हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स में उसके ट्रेंड के बारे में बताता है।
  • कई इंडिकेटर से हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स में हुए ट्रेड की वॉल्यूम के बारे में बताते हैं।
  • कई इंडिकेटर हमें स्टॉक या इंडेक्स में मौजूदा वोलिटिलिटी को जांचने में मदद करता हैं।
  • कई इंडिकेटर से हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स की पाजिटिविटी और नेगिटिविटी के बारे में बताते हैं
  • कई इंडिकेटर हमें किसी स्टॉक की वीकनेस और स्ट्रेंथ के बारे में बताते हैं

ऐसे कई सरे फायदे है जिसके लिए लोग इसका इस्तेमाल ट्रेडिंग के समय करते है

शेयर मार्केट इंडिकेटर के नुकसान (Disadvantages of Share Market Indicators in Hindi)

यहां पर स्टॉक मार्केट इंडिकेटर के कुछ नुकसान के बारे में बताया गया है, जो कुछ इस प्रकार से हैं

  • यह इंडिकेटर कई बार हमें गलत संकेत देता है, जिससे हमें ट्रेडिंग में पैसा गंवाना पड़ता है।
  • कई इंडिकेटर हमें अधिक संकेत देते हैं, और अधिक संकेत मिलने के कारण बहुत से लोग ओवरट्रेड कर लेते हैं।
  • कई इंडिकेटर हमें देर से संकेत देते हैं, जिसके कारण हम प्रवेश करने और बाहर निकलने में देरी करते हैं जिसके कारण हमारा ट्रेड छूट जाता हैं।

ऐसे और भी कई नुकसान हैं इसलिए ट्रेडिंग के समय इसका सही इस्तेमाल करना चाहिए।

FAQ

शेयर मार्केट में सबसे अच्छा इंडिकेटर कौन सा है

शेयर मार्केट में कई तरह के इंडिकेटर होते हैं जिनका उपयोग चार्ट का विश्लेषण करने के लिए किया जाता है, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे इंडिकेटर भी होते हैं जो हमेशा उपयोग में लाये जाते हैं जो इस प्रकार हैं Moving averages, RSI, Bollinger Bands and MACD आदि

शेयर मार्केट में इंडिकेटर कितने प्रकार के होते हैं?

शेयर मार्केट इंडिकेटर में दो प्रकार के होते हैं? लीडिंग इंडिकेटर और लैगिंग इंडिकेटर। और इन दोनों इंडिकेटर के कई प्रकार हैं, जिसके बारे में इस पोस्ट में बताया गया हैं।

Best Combination of Indicators for Option Trading

Some of the most commonly used indicators in option trading are Bollinger Bands, RSI and MACD etc.

बोलिंगर बैंड्स के साथ कौन सा इंडिकेटर सबसे अच्छा काम करता है?

बोलिंगर बैंड्स के साथ यह कुछ इंडिकेटर है जो सबसे अच्छा काम करते है? ATR, RSI, MACD and Standard Deviation etc.

Best Indicator for Option Trading in hindi

ऑप्शन ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छा इंडिकेटर कुछ इस प्रकार से है ADX, RSI, MACD, EMA and Bollinger Bands आदि

निष्कर्ष

इस पोस्ट में हमने विभिन्न प्रकार के सबसे अच्छे इंडिकेटर के बारे में जाना साथ ही इंडिकेटर कितने प्रकार के होते है और किस इंडिकेटर का इस्तेमाल किस जगह किया है इसके बारे में जाना

इसके साथ ही कुछ बेहतरीन कॉम्बिनेशन इंडिकेटर के बारे में बताया है जो आपको ट्रेडिंग करते समय आपकी मदद कर सकते हैं।

आपको यह पोस्ट कैसी लगी? कृपया हमें कमेंट करके बताएं, और अगर आपको इस पोस्ट से संबंधित कोई समस्या है, तो आप कमेंट करके भी पूछ सकते हैं।

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