[2023] Swing Trading in Hindi | स्विंग ट्रेडिंग क्या है – स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें

नमस्कार दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे इस ब्लॉग Learnstockhindi.in में, और आज हम इस ब्लॉग में Swing Trading in hindi के बारे में जानेंगे: कि स्विंग ट्रेडिंग क्या है और स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें, शुरुआती लोगों के लिए स्विंग ट्रेडिंग कैसी रहेगी, स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुनें, स्विंग ट्रेडिंग के लिए रणनीतियाँ और स्विंग ट्रेडिंग सीखने के लिए पुस्तक आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

स्विंग ट्रेडिंग क्या है, यह जानने से पहले हमें यह जानना होगा कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग क्या है, ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है और शुरुआत में हमें किस तरह की ट्रेडिंग करनी चाहिए।

ट्रेडिंग क्या है (Trading Kya Hota Hai in Hindi)

ट्रेडिंग वित्तीय साधनों की खरीद और बिक्री है, जैसे स्टॉक, बॉन्ड, मुद्राएं, कमोडिटीज और डेरिवेटिव।

ट्रेडिंग करने का मकसद मुनाफा कमाने के लिए किसी चीज को कम दाम पर खरीदना और मेहगे दाम पर बेचना होता है। जिसके लिए हम कई तरह की निवेश रणनीतियों का उपयोग कर सकते है, जैसे Day Trading, Swing Trading और Position Trading इसके साथ ही कई और तरह की ट्रेडिंग की जाती है, जिनका जिक्र नीचे किया गया है।

ट्रेडिंग के प्रकार (Types of Trading in Hindi)

शेयर बाजार से पैसे कमाने के बहुत सारे तरीके मौजूद हैं जिनके द्वारा आप शेयर बाजार से पैसा कमा सकते हैं, यहां हमने उन तरीकों के बारे में बताया है।

ट्रेडिंग कितने प्रकार की होती है और शुरूआती दौर में हमें किस तरह की ट्रेडिंग करनी चाहिए?

  • Day Trading (डे ट्रेडिंग) : जिसमें हमें किसी स्टॉक को एक दिन के अंदर खरीदना और बेचना होता है, Day Trading को Intraday Trading भी कहा जाता है।
  • Swing Trading (स्विंग ट्रेडिंग) : इस ट्रेडिंग में, हम एक स्टॉक खरीदते हैं और उसे कुछ दिनों के लिए होल्ड करते हैं, जिसमें हम शॉर्ट टर्म में कीमत में उतार-चढ़ाव होने पर पैसा बनाने की कोशिश करते हैं।
  • Position Trading : इसमें हम एक स्टॉक खरीदते हैं और उसे कुछ हफ्तों या महीनों के लिए होल्ड रखते हैं और जैसे ही इसकी कीमत हमारे लक्ष्य तक पहुँचती है हम इसे बेच देते हैं और लाभ कमाते हैं।
  • Scalping : इसमें हम Day Trading के भीतर छोटे छोटे टाइम फ्रेम पर कई सारे ट्रेड लेते है जिसे स्केलिंग ट्रेडिंग कहते है
  • Algorithmic Trading : इस ट्रेडिंग में हमें किसी स्टॉक को खरीदने और बेचने की आवश्यकता नहीं होती है, यह पूरी तरह से आटोमेटिक कंप्यूटर प्रोग्राम की मदद से काम करता है।
  • High-frequency trading
  • Options trading : इसमें हम किसी निश्चित तिथि के लिए ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट्स को खरीदते और बेचते हैं
  • Futures trading :
  • Forex trading (विदेशी मुद्रा व्यापार) : फोरेक्स ट्रेडिंग में हम डॉलर जैसी मुद्राओं को खरीद और बेच सकते है जिसके लिए हमें फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में ट्रेडिंग करनी होती है
  • Cryptocurrency trading : क्रिप्टो करेंसी ट्रेडिंग में हम बिटकॉइन और एथेरियम जैसी डिजिटल करेंसी खरीद और बेच सकते हैं जिसके लिए हमें डिजिटल एसेट एक्सचेंज में ट्रेडिंग करनी होती है

अगर आप भी शेयर बाजार में नए हैं और शेयर बाजार से पैसा कमाना चाहते हैं तो आप शुरुआती दौर में पोजीशन ट्रेडिंग या स्विंग ट्रेडिंग कर सकते हैं, जिसमें जोखिम कम होता है और इसके लिए आपको ज्यादा समय भी नहीं देना होता। आज हम इस पोस्ट में स्विंग ट्रेडिंग के बारे में बताने जा रहे हैं।

तो चलिए शुरू करते है और जानते है की स्विंग ट्रेडिंग क्या है

swing trading in hindi
Swing Trading in Hindi

स्विंग ट्रेडिंग क्या होता है (Swing Trading kya hai in Hindi)

विषय सूची

स्विंग ट्रेडिंग में हम किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं और उन शेयरों को 2, 3 दिन या कुछ हफ्तों के लिए अपने पास रखते हैं ताकि उस शेयर की कीमत बढ़ जाए और आप उसे बेचकर मुनाफा कमा सकें। इस ट्रेडिंग के समय को ही स्विंग ट्रेडिंग कहते है।

इसे दूसरे तरीके से समझे तो, स्विंग ट्रेडिंग इंट्राडे ट्रेडिंग और पोजिशनल ट्रेडिंग के बीच का अंतर है। इंट्राडे ट्रेडिंग में एक ही दिन में किसी कंपनी के शेयरों को खरीदना और बेचना होता है, जबकि पोजिशनल ट्रेडिंग में कई महीनों से लेकर एक साल तक के लिए किया जाता है, जिसमें आप लॉन्ग पोजीशन बनाते हैं, लेकिन स्विंग ट्रेडिंग में आप 2, 3 दिन या कुछ हफ्तों के लिए स्टॉक होल्ड रखते हैं, जिसे शॉर्ट पोजीशन या स्विंग ट्रेडिंग कहा जाता है।

अगर सीधे शब्दों में कहे तो आप किसी कंपनी के शेयर को डिलीवरी में खरीदते है और 2, 3 दिन या कुछ हफ्तों में बेच देते है तो उसे स्विंग ट्रेडिंग माना जाता है और अगर आप उसी शेयर को कई महीनो के बाद बेचते है तो उसे पोसिशनल ट्रेडिंग माना जाता है और अगर आप उसे कई सालो के लिए रखते है तो उसे लॉन्ग टर्म इंवेटमेंट कहते है

यह इंट्राडे ट्रेडिंग की तरह नहीं होता है क्योकि इंट्राडे ट्रेडिंग में अगर आप किसी शेयर को खरीदते या बेचते है तो मार्केट बंद होने से पहले आपको उस पोजीशन से exit लेना होगा। अगर आप ऐसा नहीं करते है तो आपका ब्रोकर आपके बदले उस पोजीशन को exit कर देता है लेकिन उसके लिए वह आपसे कुछ charge करता है

अब तक आप जान गए होंगे कि स्विंग ट्रेडिंग क्या है तो अब Swing Trading Basics के बारे में जानते हैं।

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें (Swing Trading in Hindi)

अगर आप स्विंग ट्रेडिंग के बारे में अच्छी तरह से जान चुके हैं और स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें, इसके बारे में जानना चाहते है तो मैं आपको बता दू की स्विंग ट्रेडिंग में सफल होने के लिए आपको तकनीकी और मौलिक विश्लेषण दोनों का उपयोग करना आना चाहिए जैसे:

  • Technical Analysis (तकनीकी विश्लेषण) – तकनीकी विश्लेषण का उपयोग कीमतों में उतार-चढ़ाव का अनुमान लगाने और उन शेयरों की पहचान करने के लिए किया जाता है जिनमें कम समय में बड़ी हलचल करने की क्षमता होती है। टेक्निकल एनालिसिस करने के लिए हमें कई चीजों को जानने की जरूरत होती है जैसे :-
    • Candlestick Pattern (कैंडलस्टिक पैटर्न) – कैंडलस्टिक पैटर्न में कई तरह की कैंडल्स होती हैं जैसे Doji, Hammer, Bullish Engulfing, Bearish Engulfing, Morning Star, Evening Star आदि जो तकनीकी विश्लेषण करने में हमारी मदद करते हैं और यह बताने की कोशिश करते हैं कि बाजार किस दिशा में जा रहा है।
    • Chart Pattern (चार्ट पैटर्न) – चार्ट पैटर्न में हमें किसी स्टॉक या इंडेक्स के चार्ट पर कई प्रकार की आकृतियाँ बनती दिखाई देती है, यह आकृतियाँ इतिहास में घटित घटनाओं को दोहराती है। चार्ट पर बनने वाले कुछ सामान्य चार्ट पैटर्न में Head and Shoulders, Double Tops and Bottoms, Rising and Falling Wedges आदि शामिल हैं। इन पैटर्न्स का उपयोग करके आप इसके भविष्य के प्रदर्शन की भविष्यवाणी कर सकते हैं।
    • Indicators (इंडीकेटर्स) – इंडिकेटर एक ऐसा टूल है जो टेक्निकल एनालिसिस में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है, इनमे से कुछ प्रसिद्ध टेक्निकल इंडिकेटर इस प्रकार से है RSi, MACD, Bollinger Bands, ADX, Stochastic oscillator, OBV, Aroon oscillator आदि जिसके इस्तेमाल से कई सारे ट्रेडर ट्रेडिंग करते है
  • Balance Sheet Reading (बैलेंस शीट पढ़ना) – बैलेंस शीट एक वित्तीय विवरण है जो कंपनी की संपत्ति, देनदारियों और इक्विटी (EQ) को दर्शाता है। इसके माध्यम से हम किसी कंपनी के विकास के बारे में जान सकते हैं कि वह साल-दर-साल कैसा प्रदर्शन करती है और उसके लाभ और हानि में क्या बदलाव हुआ है।
  • Fundamental Analysis (मौलिक विश्लेषण) – Fundamental Analysis का इस्तेमाल Long Term Investment करने के लिए किया जाता है, जिसमें हम कंपनी के Management, Business Model, Balance Sheet, Financial Statement को पढ़ते हैं और उस कंपनी का आंतरिक मूल्य (intrinsic value) पता करते हैं कि वह Under Valued है या Over Valued ताकि हम उसमें निवेश कर सकें। साथ ही यह जानने की भी कोशिश करते हैं कि भविष्य में यह कंपनी कैसा प्रदर्शन करने वाली है

स्विंग ट्रेडिंग किसके लिए है? (Swing Trading for Beginners in Hindi)

मैं आपको बता दूं कि स्विंग ट्रेडिंग उन लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प है जो कहीं Job करते हैं और इसके लिए ज्यादा समय नहीं दे पाते हैं; वे स्विंग ट्रेडिंग कर सकते हैं।

आपको Basic Technical Analysis करना आना चाहिए, जिसमें Balance Sheets पढ़ना और Chart Patterns की जांच करना शामिल है, साथ ही स्टॉक का Fundamental analysis भी करना आना चाहिए जो बताता है कि स्टॉक को कब खरीदना और बेचना है। एक बार यह analysis हो जाने के बाद, यदि आप स्टॉक खरीदते हैं, तो आपके लाभ कमाने की संभावना बढ़ जाती है, और जोखिम की संभावना बहुत कम हो जाती है।

शुरुआती लोगों के लिए यह भी एक अच्छा विचार है कि वे वास्तविक धन का निवेश करने से पहले एक छोटी सी पूंजी के साथ शुरुआत करें और एक Demo Account के साथ अभ्यास करें।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुनें (Swing Trading Stock Selection in Hindi)

स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए हमें सही स्टॉक चुनना होगा; इसके लिए हमें टेक्निकल एनालिसिस के साथ-साथ फंडामेंटल एनालिसिस करना होता है और स्टॉक के कई दूसरे फैक्टर्स के बारे में जानना होता है, जैसे:

  • Volatility (अस्थिरता) – वोलैटिलिटी का मतलब है कि शेयर की कीमत कितनी तेजी से मूवमेंट करती है
  • Liquidity (तरलता) – लिक्विडिटी का मतलब है कि हम कितनी आसानी से किसी स्टॉक को खरीद और बेच सकते हैं। यदि इसे खरीदने और बेचने वालों की संख्या अधिक होती है तो इसे उच्च तरलता वाला स्टॉक (High Liquidity Stock) कहा जाता है।
  • Trends (ट्रेंड्स) – ट्रेंड्स का मतलब की स्टॉक की Price किस दिशा में जा रही है Uptrend या Downtrend या फिर Sideways
  • News and Earnings – किसी स्टॉक के प्रति कोई अच्छी या बुरी खबर और खराब प्रदर्शन इसकी कीमत में उतार-चढ़ाव ला सकता है, जिस पर हमें ध्यान देना चाहिए, जो स्विंग ट्रेडिंग में अवसर का विकल्प दे सकता है।
  • Financials Statement (वित्तीय विवरण) – यहां हम कंपनी के financial statement का उपयोग उस कंपनी के financial health और performance का evaluate करने के लिए करते हैं जिसका स्टॉक हम खरीदना चाहते हैं। financial statement से हमें कंपनी के revenues, expenses, assets और liabilities के बारे में जानकारी मिलती है जो traders को स्टॉक खरीदने और बेचने का निर्णय लेने में मदद करती है।

अभी तक हम यह समझ चुके है की स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चने और अब Swing Trading Strategies के बारे में जानेगे

स्विंग ट्रेडिंग रणनीतियाँ क्या है (Swing Trading Strategies in Hindi)

यदि आप स्विंग ट्रेडिंग में किसी रणनीति के साथ व्यापार करते हैं, तो यह आमतौर पर 5% से 10% का लाभ कमा सकता है; इस मामले में, आपको अपने जोखिम को प्रबंधित करने वाले 7% से 8% के लाभ के लिए 2% से 3% का स्टॉप लॉस सेट करना होगा।

आइए अब कुछ स्विंग ट्रेडिंग रणनीतियों के बारे में जानने का प्रयास करें

सपोर्ट एंड रेजिस्टेंस स्ट्रेटेजी क्या है (Support and Resistance Strategies in Hindi)

support and resistance strategies
support and resistance strategies

इस Strategies में जब Market एक Range में चलता है, तो हम उसके ऊपर और नीचे दो Line खींचते हैं जिन्हें Support and Resistance कहते है। जब शेयर की कीमत Support को छूती है और ऊपर जाती है, तो हम उस स्टॉक को खरीदते हैं, और हमारा लक्ष्य Resistance के पास होता है, जहां हम स्टॉक को बेचते हैं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें दो, तीन दिन या कुछ सप्ताह भी लग सकते है जिसे हम स्विंग ट्रेडिंग कहते है।

चैनल ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी क्या है (Channel Trading Strategies in Hindi)

चैनल ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी में हम जब ट्रेडिंग करते हैं जब चार्ट में किसी प्रकार का ट्रेंड बनता दिखाई देता है। जिसके आधार पर हम ट्रेड लेते है, जैसे कि अपट्रेंड या डाउनट्रेंड।

अपट्रेंड क्या है? (What is uptrend?)

(Chart by investing.com)

Uptrend में स्टॉक की कीमत ऊपर की और जाती है, जिसमें Higher High, Higher Low का पैटर्न बनता है, जिसमें Higher Low आने पर हम पोजीशन लेते हैं और Higher High आने पर पोजीशन से बाहर निकल जाते हैं, मतलब की उस शेयर को बेच देते है और इसके माध्यम से एक छोटा सा लाभ लेते हैं

डाउनट्रेंड क्या है? (What is downtrend?)

Downtrend में शेयर की कीमत नीचे की और जाती है, जिसमें Lower Low, Lower High का पैटर्न बनता है, जिसमें Lower Low आने पर हम पोजीशन लेते हैं और Lower High आने पर पोजीशन से बाहर निकल जाते हैं, मतलब की उस शेयर को बेच देते है और इसके माध्यम से एक छोटा सा लाभ लेते हैं

इन सभी रणनीतियों में, यह आवश्यक नहीं है कि आपका लक्ष्य प्राप्त हो जाए और फिर आप अपनी स्थिति से बाहर निकल जाएं; कभी-कभी आपको बाजार से बाहर निकलना पड़ता है भले ही शेयर की कीमत लक्ष्य से पहले ही पलट जाए।

स्विंग ट्रेडिंग के नियम (Swing Trading Rules in Hindi)

यहां कुछ नियम दिए गए हैं जिनका आमतौर पर ट्रेडर स्विंग ट्रेडिंग करते समय पालन करते हैं:

  • प्रवेश और निकास रणनीति बनाये : ट्रेड लेने से पहले Entry और Exit के लिए कुछ नियम बनाये और उनका पालन करें।
  • स्टॉप-लॉस ऑर्डर का उपयोग करें : Risk को मैनेज करने के लिए स्टॉप-लॉस ऑर्डर सेट करें।
  • तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करें : ट्रेंड और पैटर्न की पहचान करने के लिए चार्ट और तकनीकी संकेतकों का उपयोग करें जो एक अच्छी Entry और Exit का संकेत दे सकते हैं।
  • पोजीशन साइज छोटा रखें : स्विंग ट्रेडिंग जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए पोजीशन साइज को अपने ट्रेडिंग खाते में छोटा रखना महत्वपूर्ण है।
  • बड़ी तस्वीर पर नज़र रखें : बाज़ार की सभी स्थितियों और आर्थिक संकेतकों पर नज़र रखें जो आपके द्वारा व्यापार की जा रही सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं।
  • भावुक न हों : भावनाओं को अपने फैसले पर हावी न होने दें, अनुशासित रहें और अपने नियमों पर टिके रहें
  • जोखिम प्रबंधन : किसी एक ट्रेड में अपने खाते के 2% से अधिक का जोखिम न उठाएं
  • धैर्य रखें : सही अवसरों की प्रतीक्षा करें और जल्दबाजी में कोई गलत ट्रेड न करें।
  • योजना बनाएं : मुनाफा कब लेना है और घाटा कम करना है, इसके लिए पहले से तय योजना बना लें।
  • लगातार सीखें और सुधार करें : बाजार पर नजर बनाये रखे और नई ट्रेडिंग रणनीतियों और तकनीकों सीखते रहें

कृपया ध्यान दें कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले अपना खुद का शोध करना और वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना हमेशा महत्वपूर्ण होता है।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छा इंडिकेटर (Best Swing Trading Indicators)

स्विंग ट्रेडिंग इंडीकेटर्स एक टेक्निकल एनालिसिस टूल्स है जो स्विंग ट्रेडिंग के लिए अवसरों की पहचान करने के काम आता है

स्विंग ट्रेडिंग में उपयोग किए जाने वाले कुछ लोकप्रिय इंडीकेटर्स जैसे : मूविंग एवरेज, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और बोलिंगर बैंड शामिल हैं।

मूविंग एवरेज ट्रेडर्स को मार्केट ट्रेंड की पहचान करने में मदद करता है जबकि RSI और बोलिंगर बैंड ट्रेडर्स को अधिक खरीद या अधिक बिक्री की स्थिति की पहचान करने में मदद करता हैं।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ट्रेडर्स किसी भी निर्णय को लेने से पहले इंडीकेटर्स के साथ फंडामेंटल एनालिसिस एंड चार्ट पैटर्न्स एनालिसिस भी करे

अब तक आप कुछ इंडीकेटर्स के बारे में जान गए होंगे जो स्विंग ट्रेडिंग में आपकी मदद कर सकते हैं, आगे हम कुछ किताबों के बारे में बात करने जा रहे हैं जिनके माध्यम से आप घर बैठे स्विंग ट्रेडिंग सीख सकते हैं, तो चलिए स्विंग ट्रेडिंग किताबों के बारे में जानना शुरू करते है

स्विंग ट्रेडिंग सीखने के लिए किताबें (Swing Trading Books In Hindi)

यहाँ पर हम कुछ Swing Trading Books in Hindi के बारे में बताने जा रहे है जिसे पढ़कर स्विंग ट्रेडिंग में और बेहतर बना जा सकता है जिनकी कीमत बहुत काम है और जिन्हे आप अमेज़न की वेबसाइट से खरीद सकते है

Swing trading with Technical Analysis in hindi (तकनीकी विश्लेषण के साथ स्विंग ट्रेडिंग)

यह पुस्तक सरल हिंदी भाषा में लिखी गई है, लेखक का नाम रवि पटेल है और यह पुस्तक 2009 में प्रकाशित हुई थी।

यह पुस्तक आपको सिखाएगी कि कम समय में ट्रेड को कैसे स्विंग करें और शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग से लाभ कैसे प्राप्त करें। तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करके स्विंग ट्रेडिंग सीखने के लिए यह सबसे अच्छी किताब है। यह पुस्तक आपको सिखाएगी कि स्विंग ट्रेडिंग से लगातार मुनाफा कैसे कमाया जाए।

यह पुस्तक 2009 में प्रकाशित हुई थी, जिसमें आपको स्विंग ट्रेडिंग (swing trading in hindi) से संबंधित सभी जानकारी मिलती है, जैसे कि कब स्टॉक खरीदना है, कब बेचना है, स्विंग ट्रेडिंग के लिए कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए, सही समय पर सही कीमत पर कैसे ट्रेड करना चाहिए। आदि के बारे में विस्तार से बताया गया है।

Technical analysis and candlestick identification (टेक्नीकल एनालिसिस और कंडलास्टिक की पहचान)

इस किताब को भी रवि पटेल ने 2011 में अंग्रेजी और हिंदी भाषा में लिखा है,

इस पुस्तक में हमें स्विंग ट्रेडिंग के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में पता चलता है जो स्विंग ट्रेडिंग से पहले किया जाता है जैसे स्टॉक का उचित विश्लेषण जिसके लिए ट्रेडर को कैंडलस्टिक चार्ट और इंडिकेटर के बारे में ज्ञान होना चाहिए। विश्लेषण, कैंडलस्टिक्स, चार्ट पैटर्न, तकनीकी संकेतक और स्टॉप-लॉस थ्योरी, जिनका उपयोग आप स्विंग ट्रेडिंग के माध्यम से शेयर बाजार में ट्रेडिंग करके लाभ कमाने के लिए कर सकते हैं, जिसके लिए आपको यह पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए।

अभी के लिए इस पोस्ट में इतना ही है, आगे भी स्विंग ट्रेडिंग से जुडी बातें इस पोस्ट में जोड़ी जाएगी।

Conclusion – स्विंग ट्रेडिंग क्या है (Swing Trading in Hindi)

आज इस पोस्ट में, हमने जाना कि स्विंग ट्रेडिंग क्या है इसके साथ ही स्विंग ट्रेडिंग के कुछ अन्य पहलू जैसे स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें, स्विंग ट्रेडिंग मूल बातें, स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुनें, स्विंग ट्रेडिंग रणनीतियां, स्विंग ट्रेडिंग नियम और स्विंग ट्रेडिंग पुस्तकें जिनसे आपको परिचित होना चाहिए।

आपको यह पोस्ट कैसी लगी कमेंट करके जरूर बताएं और अगर इस पोस्ट से जुड़ा आपका कोई सवाल है तो आप कमेंट के जरिए पूछ सकते हैं हम आपको जवाब देने की पूरी कोशिश करेंगे।

स्विंग ट्रेडिंग कैसे करें

स्विंग ट्रेडिंग करने के लिए सबसे पहले आपको एक अच्छा स्टॉक चुनना होगा, फिर उस स्टॉक के चार्ट का विश्लेषण करना होगा और पता करना होगा कि चार्ट में किस तरह का ट्रेंड बन रहा है। अगर चार्ट में अपट्रेंड दिख रहा है तो इस स्टॉक में स्विंग ट्रेडिंग करने का सही समय है क्योंकि स्विंग ट्रेडिंग केवल अपट्रेंड में ही की जा सकती है। अधिक जानने के लिए पोस्ट पढ़ें।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए स्टॉक कैसे चुनें

स्विंग ट्रेडिंग हो या अन्य किसी प्रकार की ट्रेडिंग, अगर आप काम के समय में बिना किसी विश्लेषण के अच्छे स्टॉक प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप सीधे निफ्टी 50 इंडेक्स के स्टॉक को देख सकते हैं क्योंकि यहां सभी स्टॉक उच्च तरलता और उच्च अस्थिरता वाले हैं। और अधिकांश व्यापारी इन शेयरों में व्यापार करते हैं। यदि आप अपने विश्लेषण के आधार पर एक अच्छा स्टॉक चुनना चाहते हैं, तो आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं, जिसमें हमने स्टॉक चुनने के कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए हैं।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए सबसे अच्छा इंडिकेटर

स्विंग ट्रेडिंग में उपयोग किए जाने वाले कुछ लोकप्रिय इंडीकेटर्स जैसे : मूविंग एवरेज, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) और बोलिंगर बैंड शामिल हैं।

स्विंग ट्रेडिंग कितने दिनों के लिए की जाती है?

स्विंग ट्रेडिंग 2 दिनों से लेकर कुछ हफ्तों या महीनों तक की अवधि के लिए की जाती है।

स्विंग ट्रेडिंग के लिए कौन सा टाइम फ्रेम सबसे अच्छा है?

स्विंग ट्रेडिंग के लिए 1 दिन की समय सीमा सबसे अच्छी होती है क्योंकि 1 दिन के चार्ट में हमें 1 महीने का कैंडल मिलता है जो एक पैटर्न बनाता है जिसके आधार पर हमें एक ट्रेंड के बारे में पता चलता है ताकि हम उसमें ट्रेड कर सकें।

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